रियल एस्टेट

मंजूरी में देरी और मजदूर संकट के बीच रियल्टी सेक्टर पर नई परियोजनाओं को समय से पूरा करने का दबाव

डेवलपर बड़े लॉन्च की घोषणाएं कर रहे हैं मगर मंजूरी, श्रमिकों की उपलब्धता, ठेकेदार क्षमता और निर्माण की समयसीमा अभी तक पूरी तरह से इस विस्तार के साथ मेल नहीं खा रही है

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प्राची पिसल   
Last Updated- December 12, 2025 | 10:58 PM IST

डेवलपर सबसे व्यस्त विनिर्माण दौर में से एक में पहुंच रहे हैं। शीर्ष चार कंपनियां नजदीकी मध्यम अवधि में 1.13 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रही हैं। हालांकि, फिलहाल, उद्योग पर मंजूरी में देरी, मजदूरों की कमी, बढ़ती लागत और ठेकेदार क्षमता की सीमाओं के कारण इन्हें शुरू करके पूरा करने पर दबाव है।

मझोले से बड़े स्तर के डेवलपरों को सलाह देने वाली मुंबई की रियल एस्टेट परामर्श फर्म एनेक्स एडवाइजरी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी संजय डागा ने कहा, ‘रियल एस्टेट उद्योग में काम पूरा करने की चुनौतियां दिखाई दे रही हैं। मांग और बुकिंग मजबूत रहने के बावजूद डिलीवरी में रफ्तार नहीं रही है। डेवलपर बड़े लॉन्च की घोषणाएं कर रहे हैं मगर मंजूरी, श्रमिकों की उपलब्धता, ठेकेदार क्षमता और निर्माण की समयसीमा अभी तक पूरी तरह से इस विस्तार के साथ मेल नहीं खा रही है। अभी जो परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं और सौंपी जा रही हैं, उनके बीच बढ़ता अंतर स्पष्ट रूप से तेजी वाले बाजार में भी अमल पर दबाव का संकेत देता है।’

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शीर्ष डेवलपरों ने हजारों करोड़ रुपये के लॉन्च की योजना बनाई है। जेएम फाइनैंशियल ने बताया कि भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ मध्यम अवधि में 60,215 करोड़ रुपये मूल्य की योजनाएं शुरू करने जा रही हैं। कंपनी चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 13,685 करोड़ रुपये की योजनाएं ला चुकी है।

मुंबई की नामी डेवलपर लोढ़ा ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 13,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं उतारी हैं और कंपनी अगली दो तिमाहियों में 14,000 करोड़ रुपये के परियोजनाएं  शुरू करने की योजना बना रही है।

First Published : December 12, 2025 | 10:37 PM IST