दिसंबर तिमाही में वेदांता (Vedanta) के नतीजे शेयर बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर सकते हैं। ब्रोकरेज हाउसों के अनुमान बताते हैं कि इस बार मेटल सेक्टर की मजबूती कंपनी की कमाई को नई ऊंचाई दे सकती है। ज्यादा उत्पादन, मजबूत मांग और एल्यूमिनियम व जिंक जैसी धातुओं की ऊंची कीमतों के दम पर वेदांता Q3FY26 में दमदार प्रदर्शन कर सकती है। कंपनी अपने नतीजे गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को जारी कर सकती है और निवेशकों की निगाहें पहले से ही इस पर टिकी हैं।
इस तिमाही वेदांता के लिए एल्यूमिनियम, जिंक और पावर बिजनेस सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। इन सेगमेंट्स की मजबूती ने ऑयल और गैस बिजनेस की कमजोरी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है। एल्यूमिनियम, जिंक और सिल्वर की कीमतों में आई तेजी से कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को मजबूत सहारा मिला है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी की आमदनी में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है और EBITDA व नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर तेज उछाल आ सकता है।
Systematix ब्रोकरेज के मुताबिक, वेदांता की दिसंबर तिमाही पूरी तरह मेटल बिजनेस की मजबूती पर टिकी नजर आ रही है। ज्यादा वॉल्यूम और बेहतर कीमतों ने एल्यूमिनियम, जिंक और पावर सेगमेंट को मजबूती दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि इसी दम पर कंपनी ऑयल और गैस बिजनेस की कमजोरी को पीछे छोड़ सकती है।
Systematix का अनुमान है कि वेदांता की कंसॉलिडेटेड आमदनी करीब 41,770 करोड़ रुपये रह सकती है, जो सालाना आधार पर 7 प्रतिशत ज्यादा है। EBITDA में करीब 26 प्रतिशत की बढ़त होकर यह 14,010 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है और मार्जिन 33.5 प्रतिशत के आसपास रह सकता है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 55 प्रतिशत उछलकर करीब 5,490 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। बाजार की नजर डिमर्जर, विस्तार योजनाओं और नई यूनिट्स की टाइमलाइन पर भी बनी रहेगी।
Emkay ब्रोकरेज का कहना है कि वेदांता की Q3FY26 की कमाई पिछली तिमाही से भी ज्यादा मजबूत रह सकती है। खास तौर पर एल्यूमिनियम बिजनेस में तेज सुधार और जिंक इंडिया के दमदार प्रदर्शन ने तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। ऊंची कमोडिटी कीमतों ने कंपनी की कमाई को नई रफ्तार दी है।
Emkay के अनुसार, वेदांता का EBITDA करीब 14,940 करोड़ रुपये रह सकता है, जो तिमाही आधार पर लगभग 29 प्रतिशत और सालाना आधार पर 32 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दिखाता है। एल्यूमिनियम और जिंक इंडिया से EBITDA क्रमशः 4,920 करोड़ रुपये और 4,410 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस दौरान एल्यूमिनियम की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत, जिंक में 11 प्रतिशत और सिल्वर में 40 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई है। ब्रोकरेज ने कंपनी की कुल आमदनी करीब 43,980 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 65 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5,865 करोड़ रुपये रहने का अनुमान दिया है।
Antique Stock Broking के मुताबिक, वेदांता के लगभग सभी बड़े बिजनेस सेगमेंट जैसे एल्यूमिनियम, जिंक, आयरन ओर और पावर में इस तिमाही मजबूती देखने को मिली है। हालांकि ऑयल और गैस बिजनेस से थोड़ी कमजोरी रह सकती है, लेकिन बाकी सेगमेंट्स की ताकत उसके असर को कम कर देती है।
Antique का अनुमान है कि वेदांता की रेवेन्यू 10.6 प्रतिशत बढ़कर करीब 43,251 करोड़ रुपये रह सकती है। EBITDA में 31.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह करीब 14,640 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं एडजस्टेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 42 प्रतिशत बढ़कर 5,033 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और ऊंची कमोडिटी कीमतें इसमें अहम भूमिका निभा रही हैं।
कुल मिलाकर, ब्रोकरेज हाउसों की राय साफ है कि वेदांता की दिसंबर तिमाही मजबूत और असरदार रह सकती है। मेटल बिजनेस की मजबूती, कमोडिटी की ऊंची कीमतें और बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन कंपनी के नतीजों को सहारा दे सकते हैं। अब सबकी नजर 29 जनवरी पर है, जब यह साफ होगा कि वेदांता की यह तेजी नतीजों में कितनी ताकत दिखाती है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट ब्रोकरेज अनुमानों पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।