फ्रांस की दवा बनाने वाली सर्वियर भारत में अपनी रणनीति और मजबूत कर रही है। कंपनी का मकसद भारत में अपनी श्रेणी में अग्रणी और सटीक दवाएं लाने का है, जिससे वह वैश्विक नैदानिक अनुसंधान में अपनी भूमिका को और बढ़ा सके और भारत का विनिर्माण और वैश्विक दक्षता केंद्रों (जीसीसी) के ठिकाने के रूप में उपयोग कर सके।
कंपनी का लक्ष्य मध्यम अवधि में भारत में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का कारोबार करना है। इससे उसकी वैश्विक वृद्धि योजनाओं में भारतीय बाजार के बढ़ते महत्त्व का पता चलता है।
फिलहाल, सर्वियर के वैश्विक राजस्व में भारत की करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी है। मगर ऑन्कोलॉजी के नए उत्पाद पेश करने और कंपनी के अपने पारंपरिक कार्डियोमेटाबोलिक पोर्टफोलियो से परे विस्तार करने के कारण हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।
यह कंपनी 1980 के दशक से भारत में है। सर्वियर इंडिया के प्रबंध निदेशक ऑरेलियन ब्रेटन ने कहा, ‘भारत सर्वियर के लिए रणनीतिक क्षेत्र बनता जा रहा है। वह न केवल वाणिज्यिक बाजार के रूप में, बल्कि नवाचार, नैदानिक अनुसंधान और विनिर्माण में भागीदार के रूप में भी अग्रणी है।’
फाउंडेशन के स्वामित्व वाले गैर-लाभकारी फार्मास्युटिकल समूह सर्वियर ने 2024 में लगभग 5.9 अरब यूरो का वैश्विक राजस्व दर्ज किया। सितंबर 2025 को समाप्त वर्ष में बढ़ते ऑन्कोलॉजी पोर्टफोलियो की बदौलत वैश्विक राजस्व लगभग 7 अरब यूरो तक पहुंच गया है। मगर भारत वर्तमान में कुल राजस्व का एक छोटा हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि देश में उसकी दीर्घकालिक वृद्धि दर कई परिपक्व बाजारों की तुलना में कहीं अधिक तेज हो सकती है।