नोवेलिस लगाएगी 2.5 अरब डॉलर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 7:05 PM IST

आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी नोवेलिस अमेरिका के बे मिनेटी, अलबामा में रीसाइक्लिंग और रोलिंग संयंत्र लगाने के लिए 2.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। विदेश में एकदम नया संयंत्र लगाने के लिए किसी भारतीय कंपनी की यह अब तक की सबसे बड़ी परियोजना होगी।
टाटा, बिड़ला, अदाणी समूह, रिलायंस इंडस्ट्रीज और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा विदेश में खदान, तेल एवं गैस क्षेत्र तथा कंपनियों को खरीदने पर अरबों डॉलर का निवेश किया गया है। लेकिन नोवेलिस विदेश में नया संयंत्र स्थापित करने पर 2.5 अरब डॉलर खर्च करने वाली भारतीय स्वामित्व वाली पहली कंपनी है।
इस साल जनवरी में एस्सार समूह ने ब्रिटेन की प्रोग्रेसिव एनर्जी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने और स्टैनलो रिफाइनरी परिसर में हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए 1.34 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी। इस कंपनी में एस्सार की 90 फीसदी हिस्सेदारी होगी। वर्ष 2015 में टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंडरोवर ने स्लोवाकिया में कार का नया संयंत्र लगाने के लिए 2 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी।
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, ‘यह आदित्य बिड़ला समूह की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजना है और इसके साथ ही अमेरिका में समूह के कुल कारोबार का निवेश बढ़कर 14 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘नोवेलिस जिस बाजार में भी मौजूद है, वहां हम निवेश करना जारी रखेंगे- चाहे वह पेय पदार्थों के लिए कैन हों या ऑटोमोटिव अथवा एयरोस्पेस से जुड़े उत्पाद हों।’ हिंडाल्को ने 2007 में 6 अरब डॉलर में नोवेलिस का अधिग्रहण किया था। 2020 में नोवेलिस ने प्रतिस्पद्र्घी कंपनी अलेरिस कॉर्प का अधिग्रहण 2.8 अरब डॉलर में किया था, जिसमें उस कंपनी का कर्ज भी शामिल था। हिंडाल्को की इस सहायक इकाई के पास बेहद उन्नत गुणवत्ता वाले संयंत्र हैं, जहां सालाना 6,000 टन तैयार एल्युमीनियम बन सकता है। बिड़ला ने कहा, ‘नोवेलिस ग्राहकों को कम कार्बन, टिकाऊ एल्युमीनियम समाधान की आपूर्ति करने में सफल रही है और हम इस निवेश के साथ अपनी सफलता की कहानी को जारी रखेंगे और आगे और भी निवेश किया जाएगा।’
नए संयंत्र की आधे से अधिक क्षमता का उपयोग उत्तर अमेरिका में पेय पदार्थों यानी बेवरिज के कैन के वास्ते एल्युमीनियम की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए किया जाएगा। वाहन विनिर्माता, एयरोस्पेस से लेकर बेवरिज कंपनियां प्लास्टिक या अन्य धातुओं की जगह टिकाऊ पैकेजिंग का उपयोग कर रही है, जिससे एल्युमीनियम की मांग बढ़ रही है।
नोवेलिस के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी स्टीव फिशर ने कहा, ‘यह निवेश अपने ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों और कम कार्बन तथा उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमीनियम समाधान मुहैया कराने की हमारी प्रतिबद्घता को दर्शाता है।’

First Published : May 11, 2022 | 11:13 PM IST