सरकारी स्वामित्व वाली खनन कंपनी एनएमडीसी 50:50 फीसदी भागीदारी वाले एक संयुक्त उपक्रम के लिए विश्व की दूसरी सबसे बड़ी खनन कंपनी रियो टिंटो से बातचीत कर रही है।
यह साझा उपक्रम वैश्विक खनन परिसंपत्तियों की खरीद के लिए प्रतिस्पर्धा करेगा। एनएमडीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राणा सोम ने कहा, ‘हम समान भागीदारी वाले एक संयुक्त उपक्रम पर बातचीत कर रहे हैं। खनन कार्यों के लिए वैश्विक निविदा जारी करने के बाद एनएमडीसी एक संयुक्त उपक्रम स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में से एक है।’
इस सरकारी कंपनी ने खनन गतिविधियों में संयुक्त उपक्रम भागीदारी के लिए इस साल के शुरू में वैश्विक निविदा आमंत्रित की थी। इसके जवाब में उसे 35 कंपनियों से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई जिनमें से 6 कंपनियां विदेशी हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड समाचार पत्र की ओर से भेजे गए एक ईमेल के जवाब में रियो टिंटो के प्रवक्ता ने कहा, ‘रियो टिंटो बाजार की अफवाहों या अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेगी।’
इस उद्योग के जानकारों के मुताबिक इस भागीदारी से सिर्फ वैश्विक परिसंपत्तियों की खरीद ही नहीं बल्कि घरेलू बाजार में भी नई परिसंपत्तियों का विस्तार किया जा सकता है। इस भागीदारी से भारतीय बाजार में रियो टिंटो की मौजूदगी को निश्चित तौर पर बढ़ावा मिलेगा। इस साल जून में रियो टिंटो ने मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी डायमंड परियोजना के लिए खनन की लीज का आवेदन किया था।