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L&T ग्रुप की नजर स्पेस एंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर, देसी उत्पादन को मिलेगी नई रफ्तार

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समूह इलेक्ट्रॉनिक, अंतरिक्ष, रक्षा और सेमीकंडक्टर श्रे​​णियों में देश में बने उन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जो देसी और वै​श्विक दोनों ही बाजारों की जरूरतें पूरी कर सके

Last Updated- November 20, 2025 | 10:25 PM IST
L&T

इंजीनियरिंग से लेकर विनिर्माण क्षेत्र में कारोबार कर रहा 30 अरब डॉलर वाला लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) समूह आधुनिक विनिर्माण उद्योग में अपनी महत्त्वाकांक्षाओं को बढ़ा रहा है। समूह इलेक्ट्रॉनिक, अंतरिक्ष, रक्षा और सेमीकंडक्टर श्रे​​णियों में देश में बने उन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जो देसी और वै​श्विक दोनों ही बाजारों की जरूरतें पूरी कर सकें।

एलऐंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग ऐंड सिस्टम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख और इंडियन स्पेस एसोसिएशन के चेयरमैन अरुण रामचंदानी ने कहा कि समूह की एकीकृत रणनीति विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना है, जिसमें रक्षा क्षेत्र वित्त वर्ष 26 के आखिर तक एक अरब डॉलर राजस्व का योगदान करने वाला बनने की राह पर है।

इंडिया इंटरनैशनल स्पेस कॉन्क्लेव के मौके पर उन्होंने समूह की दीर्घकालिक कार्ययोजनाओं के बारे में बताते हुए कहा, ‘हमें विशुद्ध रूप से विनिर्माण से आगे जाने की जरूरत है। हमें लगता है कि औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक, सेमीकंडक्टर, एरोस्पेस, रक्षा, ये सभी श्रे​णियां हमें अपनी खुद की आईपी (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) और उत्पाद बनाने तथा आधुनिक विनिर्माण में हम जो काम कर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा मूल्य जोड़ने में मदद करती हैं।’

प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सिस्टम्स समूह की आधुनिक विनिर्माण श्रेणी सेगमेंट का हिस्सा है। समूह का ज्यादातर कारोबार और राजस्व नि​​श्चित रूप से ईपीसी परियोजनाओं और सेवाओं से आता है, जो वै​श्विक स्तर पर कई जगहों पर काम कर रहे हैं।

समूह की योजनाएं चीन से विनिर्माण को हासिल करने के भारत के बड़े मकसद से मेल खाती हैं, जो इसलिए ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि अमेरिका जैसे बाजार से टैरिफ के संबंध में अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि व्यापार करार के लिए बातचीत चल रही है।

वरिष्ठ अ​धिकारी ने कहा, ‘हमें लगता है कि भारत में प्रिसिजन का विनिर्माण बढ़ाने का मौका है क्योंकि चीन से आगे मैं यहां विनिर्माण की मांग बढ़ते हुए देख सकता हूं। इसलिए हमें विनिर्माण में निवेश करने की जरूरत है और हम कोयंबटूर में अपने प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग ऐंड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में ऐसा कर रहे हैं।’

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First Published - November 20, 2025 | 10:16 PM IST

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