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जालान-कालरॉक कंसोर्टियम को जेट स्लॉट का आश्वासन

Last Updated- December 12, 2022 | 3:28 AM IST

जेट एयरवेज के नए स्वामी कालरॉक जालान कंसोर्टियम को करीब 20 हवाईअड्डों से आश्वासन मिला है कि अगर नई विमानन कंपनी परिचालन दोबारा शुरू करती है तो 170 जोड़ी स्लॉट उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि क्या ये स्लॉट विमानन कंपनी की मांग के मुताबिक होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिवालिया अदालत का आदेश क्या आता है, जो अगले हफ्ते आने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि नए प्रबंधन का मानना है कि इनमें से कुछ स्लॉट उन्हें मिलना काफी अहम है अन्यथा प्रीमियम हवाई सेवा के तौर पर जेट के परिचालन की उनकी कारोबारी योजना व्यवहार्य नहीं होगी। स्लॉट का मतलब किसी विमानन कंपनी को उड़ान भरने या लैंंडिंग के लिए दिया गया समय होता है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलूरु जैसे मेट्रो एयरपोर्ट पर सुबह और शामल के स्लॉट को अहम माना जाता है क्योंकि ज्यादा किराया चुकाने वाले कॉरपोरेट ट्रैवलर उसी दिन वापस लौटने के लिए ये उड़ान पकड़ते हैं। जब जेट का परिचालन बंद हुआ तब जेट एयरवेज के पास ऐसे 700 जोड़ी ऐसे स्लॉट थे, जिनमें दिल्ली व मुंबई जैसे अहम हवाई अड्डे के 116 व 214 स्लॉट शामिल हैं।
एक सूत्र ने कहा, जालान-कॉलरॉक कंसोर्टियम की टीम ने सभी एयरपोर्ट का दौरा किया है और उन्हें बताया गया है कि मुंबई और कुछ हद तक दिल्ली को छोड़कर स्लॉट में किसी तरह का अवरोध नहीं है। महामारी के कारण हवाईअड्डों को लगता है कि विमानन कंपनियां कम से कम दो साल तक कम क्षमता पर परिचालन करेंगी, जिससे स्लॉट आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। अगले साल नया रनवे शुरू होने के बाद दिल्ली हवाईअड्डे पर भी और स्लॉट उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हवाईअड्डे सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं कि कैसे इन स्लॉटों का आवंटन करना है।
विमानन मंत्रालय और नियामक डीजीसीए ने एनसीएलटी में अपने शपथपत्र में कहा है कि कंसोर्टियम पुराने स्लॉट का दावा नहीं कर सकता।

First Published - June 20, 2021 | 11:57 PM IST

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