facebookmetapixel
Advertisement
Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिलCrude Oil Price: कच्चा तेल फिर फिसला, OPEC+ के फैसले के बाद कीमतों पर बढ़ा दबावQ1 Results: Tata Technologies ने तय कर दी तारीख, अब बाजार को है ऐलान का इंतजारIT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेटक्या Airtel बनने वाला है अगला मल्टीबैगर? कई ब्रोकरेज ने दी ‘Buy’ रेटिंगAxis Bank से PNB तक कई बैंकों की कमाई में उछाल! रिजल्ट्स से पहले आई बड़ी रिपोर्टOpening Bell: शेयर बाजार में तेजी! Sensex 300 अंक उछला, Nifty 24,300 के पार; Axis Bank-HDFC Bank ने भरी उड़ान

जेट एयरवेज: जेकेसी की याचिका खारिज, NCLAT के आदेश को SC ने बरकरार रखा

Advertisement

एस एविएशन बिक्री मामले में जेकेसी की याचिका खारिज

Last Updated- March 07, 2024 | 10:16 PM IST
Jet Airways Insolvency case: Jalan-Colrock gets more time to pay Rs 350 crore

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को जेट एयरवेज के सफल बोलीदाता – जालान कालरॉक कंसोर्टियम (जेकेसी) की याचिका खारिज कर दी। इसमें माल्टा की एस एविएशन को तीन जेट विमानों की बिक्री की अनुमति देने वाले राष्ट्रीय कंपनी कानून अपील पंचाट (एनसीएलएटी) के आदेश को चुनौती दी गई थी।

एनसीएलएटी में हारने के बाद जेकेसी ने इस बिक्री के खिलाफ शीर्ष न्यायालय का रुख किया था। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि एनसीएलएटी के आदेश में कुछ भी गलत नहीं मिला है और विमान की बिक्री से जेकेसी को फायदा हो सकता है।

गंगवाल बेचेंगे इंडिगो का 3.3 फीसदी हिस्सा

इंटरग्लोबल एविएशन के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल सोमवार को कंपनी की 3.3 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस लेनदेन के लिए फ्लोर प्राइस 2,925 रुपये तय किया गया है, जो बंद भाव 3,105.7 रुपये से करीब छह फीसदी कम है।

Advertisement
First Published - March 7, 2024 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement