facebookmetapixel
सरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच समर्थन योजना शुरू कीअनिश्चित माहौल में सतर्कता नहीं, साहस से ही आगे बढ़ा जा सकता है: टाटा चेयरमैनपुरानी EV की कीमत को लेकर चिंता होगी कम, कंपनियां ला रही बायबैक गारंटीऑटो PLI योजना का बढ़ेगा दायरा, FY27 से 8 और कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहनLPG Price Hike: नए साल की शुरुआत में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर ₹111 हुआ महंगादिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 पर मंथन तेज, सायम और 5 कंपनियों के साथ मसौदे पर चर्चा करेगी सरकारबड़ी उधारी से 2026 में भी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, रुपये को सीमित सहाराStocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Update: बाजार ने बढ़त के साथ की 2026 की शुरुआत, सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा; Vodafone 2% उछलाGold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछाल

दूरसंचार पीओएन के आयात पर गतिरोध

Last Updated- December 11, 2022 | 7:07 PM IST

दूरसंचार ऑपरेटरों और उपकरण विनिर्माताओं के बीच पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क (पीओएन) उपकरण के आयात के विवादास्पद मुद्दे पर गतिरोध जारी है। पीओएन उपकरण को परिसरों के साथ-साथ एक्सचेंजों में स्थापित किया जाएगा और वह घरों में हाई स्पीड फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के परिचालन के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है।
दूरसंचार निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए गठित दूरसंचार उपकरण एवं सेवा निर्यात परिषद (टीईपीसी) ने उपकरण विनिर्माताओं के समर्थन में दूरसंचार ऑपरेटरों के उस दावे को खारिज किया है कि विनिर्माता अगले साल तक 80 लाख पीओएन उपकरणों की आपूर्ति करने में समर्थ नहीं होंगे।
विनिर्माताओं की इस अक्षमता को देखते हुए दूरसंचार ऑपरेटर उपकरणों को आयात करने की अनुमति चाहते हैं। फिलहाल इस प्रकार की अनुमति विभिन्न सरकारी आदेशों के जरिये दी जा रही है। टीईपीसी का कहना है कि उद्योग की प्रतिक्रिया के आधार पर घरेलू विनिर्माता मांग को पूरा करने में पूरी तरह समर्थ हैं। उसने कहा है कि इसकी पुष्टि टाटा के नियंत्रण वाली तेजस नेटवर्क, नोकिया, अल्फिऑन, सी-डॉट और सायनोटेक जैसी कंपनियों ने भी की है।
हालांकि उनका उपकरण चीन से उपलब्ध होने वाले उपकरण के मुकाबले कहीं अधिक महंगा है क्योंकि चीन में सरकार विनिर्माण कंपनियों को काफी प्रोत्साहन देती है। दूरसंचार ऑपरेटरों का कहना है कि घरेलू कंपनियों के अभाव और आयात करने में उनकी असमर्थता को देखते हुए हाईस्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना कठिन होगा। भारती एयरटेल साल 2025 तक देश के 2,000 से अधिक शहरों में फाइबर टु होम सेवाएं शुरू करने और 4 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचने की योजना बना रही है। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव पैदा होने के बाद 2020 में सरकार ने दूरसंचार उपकरणों के लिए ‘विश्वसनीय स्रोत’ नीति की घोषणा की थी। इसके तहत अनिवार्य जांच एवं प्रमाणन नियम जारी किए गए हैं। इससे पीओएन उपकरण के लिए मंजूरियों पर फिलहाल रोक लग गई है। इन मंजूरियों के बिना उपकरणों का आयात करना संभव
नहीं होगा।
दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि अधिकांश सस्ते पीओएन उपकरण चीन में विनिर्मित होते हैं। हालांकि कुछ पीओएन उपकरण अन्य एशियाई देशों में भी विनिर्मित होते हैं लेकिन कीमत के मोर्चे पर वे चीन से मुकाबला नहीं कर सकते। टीईपीसी का कहना है कि इस उपकरण के लिए डिजाइन सी-डॉट ने तैयार किया है, इसलिए कंपनियां ईएमएस कंपनियों द्वारा विनिर्मित उपकरण हासिल कर सकते हैं और उत्पादन क्षमता की कोई कमी नहीं है।
टीईपीसी के एक सदस्य ने कहा, ‘समस्या यह है कि ऑपरेटरों  ने कोई निश्चित ऑर्डर भी नहीं दिया है अथवा अपनी जरूरतों के बारे में कोई अग्रिम जानकारी नहीं दी है ताकि उद्योग तैयार रहे। कोई भी बिना ऑर्डर के उपकरणों का उत्पादन नहीं करेगा।’
परिषद ने उम्मीद जताई है कि दूरसंचार विभाग जल्द ही इस मुद्दे को निपटाने के लिए एक बैठक आयोजित करेगा।

First Published - May 9, 2022 | 11:29 PM IST

संबंधित पोस्ट