वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र के लिए अपेक्षाकृत मजबूत तिमाही समझी जाती है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही महामारी की वजह से मांग में आई डिजिटल संबंधित तेजी पर आधारित होगी।
भले ही यह तिमाही भी शानदार राजस्व वृद्घि दर्ज करेगी, यदि आप एक्सेंचर के प्रदर्शन की बात करें तो, ध्यान देने वाले आंकड़े हैं टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (टीसीवी) और एट्रीशन की दर।
एक्सचेंज के आंकड़े सामान्य तौर पर आईटी सेवा उद्योग द्वारा दर्ज किए गए व्यापक रुझान को दर्शाते हैं। इससे वित्त वर्ष 2022 में 12-15 प्रतिशत की वृद्घि का संकेत मिलता है, क्योंकि क्लाउड और डिजिटल बदलाव संबंधित मांग से दो अंक की वृद्घि को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि तिमाही के लिए नई बुकिंग 15 अरब डॉलर पर रही और वर्ष के लिए यह 59.3 अरब डॉलर पर पहुंच गई।
लेकिन एक्सेंचर के लिए आउटसोर्सिंग राजस्व 7.1 अरब डॉलर रहा, जो पिछले प्रदर्शन के मुकाबले कमजोर है।
कोटक की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एक्सेंचर के लिए आउटसोर्सिंग बुकिंग 7.1 अरब डॉलर पर कमजोर रही, जिससे सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत और पिछली चार तिमाहियों के औसत के मुकाबले 2.6 प्रतिशत की गिरावट का पता चलता है। इससे कुछ चिंताएं पैदा हो सकती हैं। हमें भारत में सूचीबद्घ आईटी सेवा कंपनियों से सुस्त टीसीवी आंकड़ों की आशंका है। हमें अपने कवरेज वाली कंपनियों के लिए वृद्घि अल्पावधि चक्र कार्यक्रमों की तीव्रता पर आधारित रहने का अनुमान है।’
इसी तरह के विचार आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के सुधीर गुंटुपल्ली और हीनल गाडा द्वारा व्यक्त किए गए थे। उन्होंने भी एक्सेंचर के प्रबंधन की टिप्पणी पर जोर दिया है जिसमें कहा गया कि आउटसोर्सिंग राजस्व ऊंचे एक अंक से लेकर न्यून दो अंक में रहेगा।
बाजार टीसीवी आंकड़ों पर नजर लगाए रहेगा। विश्लेषकों को तिमाही के लिए वृद्घि मजबूत रहने की संभावना है और उसे बीएफएसआई, रिटेल, निर्माण, हाई-टेक और लाइफ साइंस जैसे क्षेत्रों से मदद मिलेगी।
विभिन्न ब्रोकरेज फर्मों के विश्लेषकों ने प्रमुख कंपनियों के लिए राजस्व वृद्घि 3.5-7 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया है।
प्रमुख कंपनियों में शामिल, इन्फोसिस द्वारा ऑर्गेनिक राजस्व वृद्घि की अगुआई किए जाने की संभावना है और विप्रो को कैपको सौदे से मदद मिलेगी।
दूसरी तिमाही में इन्फोसिस के प्रदर्शन में डेमलर सौदे का बड़ा योगदान रहेगा। उसके बाद टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो को मेट्रो सौदे शुरू होने और कैपको तथा एम्पियन के समेकन से मजबूती मिलेगी।