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इन्फोसिस बीपीओ: लाभ के लिए घटेगी लागत

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Last Updated- December 10, 2022 | 8:32 PM IST

देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज की बीपीओ इकाई ने लागत कम करने की कवायद शुरू कर दी है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने पिछले महीने ही कॉन्ट्रेक्ट पर काम करने वाले लगभग 600 लोगों को नौकरी से निकाला है। यह सभी कर्मचारी कई साल के कॉन्ट्रेक्ट के तहत कंपनी में काम कर रहे थे।
हालांकि कंपनी से निकाले जाने वाले अस्थायी कर्मचारियों की संख्या के बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल ही है। जबकि दूसरी तरफ इन्फोसिस मार्च के अंत तक लगभग 2,000 लोगों को नौकरी पर रखने की योजना बना रही है। इन लोगों की भर्ती के बाद इन्फोसिस में काम करने वाले लोगों की संख्या 18,000 से बढ़कर 20,000 तक पहुंच जाएगी।
इस बारे में कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग इन्फोसिस बीपीओ के पेरोल पर हैं उन्हें नौकरी से नहीं निकाला गया है। उन्होंने बताया, ‘हमारी कपंनी लोगों को नौकरी से निकालने में यकीन नहीं रखती है। बल्कि हम तो मंदी के बावजूद अपना विस्तार करने के लिए और नियुक्तियां कर रहे हैं।’
हालांकि उन्होंने कंपनी की किसी भी बीपीओ इकाई में लोगों को नौकरी से निकाले जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मानव संसाधन उद्योग के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। इन्फोसिस ने स्टॉफ की नियुक्ति के लिए एडेक्को पीपुलवन, माफोई और टीमलीज के साथ करार किया गया है।
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2008-09 में जिन लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया है उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में इन्फोसिस बीपीओ ने 346 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था।
माना जा रहा है कि इन्फोसिस बीपीओ कई बड़े-बड़े करारों के लिए यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया की बड़ी कंपनियों के साथ मुकाबला कर रही है। नियुक्तियां करने वाली एक बड़ी एचआर कंपनी के प्रमुख ने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय देशों से मिलने वाले क रारों को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कॉन्ट्रेक्ट पर लोगों की नियुक्ति कर रही थी।
उन्होंने बताया, ‘कई बार इन कर्मचारियों को किसी प्रोजेक्ट की अवधि तक ही रखा जाता है। प्रोजेक्ट का काम समाप्त होते ही इन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। अधिकतर कंपनियां अपने स्थायी कर्मचारियों पर ही भरोसा करती हैं। दरअसल इन कंपनियों के लिए काम का अनुभव एक जरूरी मानक होता है।’
इन्फोसिस के प्रबंध निदेशक एस गोपालकृष्णन पहले घोषणा कर चुके हैं कि कंपनी बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र, टेलीकॉम और निर्माण क्षेत्रों में भी बीपीओ सेवाएं प्रदान करने की संभावनाएं तलाश रही है। इन्फोसिस बीपीओ की इकाई फाइनैंस ऐंड अकाउंटिंग प्रेक्टिस ने साल 2007 में फिलिप्स बीपीओ का अधिग्रहण किया और 7 साल के लिए लगभग 1,250 करोड़ रुपये का ठेका भी हासिल किया था।

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First Published - March 18, 2009 | 10:30 PM IST

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