उद्योग

रेयर मिनरल सप्लाई चेन पर भारत ने दिया वैश्विक सहयोग का संदेश: अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित और टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त अनुसंधान पर जोर दिया।

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आशीष आर्यन   
Last Updated- January 14, 2026 | 7:26 AM IST

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत, सुरक्षित और आसान बनाने के लिए भारत को दुनिया के तमाम देशों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

अमेरिका में दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला में लचीलेपन पर केंद्रित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने गए वैष्णव ने कहा कि सम्मेलन में प्रतिभागियों ने खनिज अयस्कों के शोधन और प्रसंस्करण में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों समेत दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इनके अलावा, बैठक में भाग लेने वाले देशों ने नई परियोजनाओं को निधि देने, नई तकनीक साझा करने और अपशिष्ट उत्पादों से इन खनिजों को प्रसंस्कृत करने पर भी चर्चा की। वैष्णव ने कहा, ‘विभिन्न देशों के बीच अनुसंधान कार्य को साझा करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह बहुत ही सकारात्मक बैठक रही, जिसमें दुर्लभ खनिज की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।’

बीते रविवार को वॉशिंगटन पहुंचे वैष्णव ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सहायक माइकल क्रैट्सियोस और व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस ऐंड टेक्नॉलजी पॉलिसी के निदेशक से भी मुलाकात की और उन्हें 15 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘भारत की विनिर्माण क्षमताओं और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की मजबूती के लिए दुर्लभ खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।’

वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि वैष्णव ने आर्थिक समृद्धि, जुझारू विनिर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए आवश्यक दुर्लभ खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत एवं सुरक्षित करने के प्रति
भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को सामने रखा।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसमें सभी प्रतिभागी देश अलगाव के बजाय विवेकपूर्ण जोखिम कम करने के उपायों को अपनाएंगे और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता को अच्छी तरह समझेंगे।

First Published : January 14, 2026 | 7:26 AM IST