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Fake rabies vaccine row: IIL का बयान- रैबीज वैक्सीन से डरने की जरूरत नहीं, फर्जी बैच हटाया गया

Fake rabies vaccine row: IIL ने साफ किया कि Abhayrab वैक्सीन का नकली बैच केवल जनवरी 2025 तक सीमित था और बाकी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।

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संकेत कौल   
Last Updated- December 28, 2025 | 10:33 AM IST

Fake rabies vaccine row: ऑस्ट्रेलिया द्वारा भारत में बन रहे रैबीज वैक्सीन अभयरैब (Abhayrab) के नकली बैच को लेकर जारी एडवाइजरी के बाद, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने साफ किया है कि यह चिंता सिर्फ जनवरी 2025 में पहचाने गए एक विशेष बैच तक सीमित है और पूरे वैक्सीन पर किसी तरह की चेतावनी नहीं है।

ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य विभाग और ATAGI ने चेतावनी दी थी कि नवंबर 2023 के बाद भारत में अभयरैब वैक्सीन लेने वाले यात्रियों को रैबीज से पूरी सुरक्षा नहीं मिल रही है। इसके साथ ही दावा किया गया कि भारत में नकली बैच नवंबर 2023 से ही बाजार में मौजूद हैं।

IIL ने बयान में कहा कि जनवरी 2025 में उन्होंने बैच नंबर KA 24014 में पैकेजिंग की गड़बड़ी देखी, जो असली पैकेजिंग से अलग थी। कंपनी ने तुरंत भारतीय नियामक और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किया और औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई।

IIL ने इसे एक अलग और सीमित घटना करार देते हुए कहा कि नकली बैच अब बाजार में उपलब्ध नहीं है।

भारत में कुत्ते के काटने और रेबीज के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, 2024 में देश में 3.7 मिलियन कुत्ते के काटने की घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2022 की तुलना में 76% ज्यादा हैं। वहीं, रेबीज से हुई मौतों की संख्या 21 से बढ़कर 54 हो गई है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ लाइफ साइंसेज (IIL) ने भरोसा दिलाया है कि उनकी Abhayrab वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इस वैक्सीन का निर्माण 2000 से हो रहा है और अब तक भारत और 43 देशों में 210 मिलियन से अधिक डोज़ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भारत में इस वैक्सीन की बाजार हिस्सेदारी 40% है।

IIL ने बताया कि भारत में बनाई जाने वाली हर वैक्सीन की खेप को सरकार के सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी द्वारा जांच कर पास किया जाता है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थाओं और अधिकृत वितरकों के माध्यम से उपलब्ध वैक्सीन सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली होती है।

IIL के उपाध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा कि कंपनी की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रणालियां मजबूत हैं और जनता सीधे कंपनी या अधिकृत चैनलों से मिलने वाली वैक्सीन पर भरोसा कर सकती है।

First Published : December 28, 2025 | 10:33 AM IST