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बढ़ी मांग तो रेमडेसिविर के निर्यात पर पाबंदी

Last Updated- December 12, 2022 | 6:03 AM IST

कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार ने वायरस रोधी दवा रेमडेसिविर के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। सरकार ने कहा है कि स्थिति सुधरने तक इस टीके एवं इसकी सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के निर्यात पर पाबंदी जारी रहेगी। दवा निरीक्षकों और अन्य अधिकारियों को इस दवा के भंडार और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रेमडेसिविर के सभी घरेलू निर्माताओं को अपने विक्रेताओं और वितरकों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के भी कहा है। मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे है। देश में 11 अप्रैल तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11.08 लाख है और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए कोविड मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर टीके की मांग तेजी से बढ़ी है। उसने कहा कि आने वाले दिनों में इसकी मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है। मंत्रालय ने कहा कि ये कंपनियां प्रति महीने रेमडेसिविर की लगभग 38.80 शीशी बना सकती है।
दवा उद्योग के एक सूत्र ने कहा कि पाबंदी लगने से पहले रेमडेसिविर के कुल उत्पादन के 10 प्रतिशत से अधिक हिस्से का निर्यात नहीं हो रहा था। मंत्रालय ने कहा कि सात भारतीय कंपनियां मेसर्स गिलियड साइंसेज, अमेरिका, के साथ स्वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते के तहत यह टीका बना रही है।  ये कंपनियों के इस दवा की 38.8 लाख यूनिट का उत्पादन प्रति महीने करने की क्षमता है।
दवा निर्माता कंपनियों ने कहा कि वे स्थानीय बाजारों में रेमडेसिविर की आपूर्ति पर जोर दे रही हैं। सरकार के कदम पर अपनी प्रतिक्रिया में सिप्ला के वैश्विक मुख्य वित्तीय अधिकारी केदार उपाध्याय ने कहा, ‘भारत में कोविड-19 के मामले जिस तरह से बढ़े हैं उसे देखते हुए सरकार ने सही कदम उठाया है। हम स्थानीय बाजारों में अधिक से अधिक मात्रा में इस दवा की आपूर्ति कर रहे हैं।’ सरकार ने शनिवार को कहा कि फार्मास्युटिकल विभाग रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने के लिए घरेलू विनिर्माताओं के साथ लगातार संपर्क में है।
दवा कंपनियां रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में पहले से ही जुट गई हैं। हेटरो, कैडिला हेल्थकेयर, मायलन और सिप्ला जैसी कंपनियां इस दवा का उत्पादन बढ़ाने में भिड़ चुकी हैं। जायडस कैडिला अगले कुछ महीने में इस दवा का उत्पादन रोजाना 30,000 शीशी से बढ़ाकर अगले कुछ हफ्तों में दोगुना  करना चाहती है।

First Published - April 11, 2021 | 11:30 PM IST

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