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आईबीसी 6 महीने के लिए टालने को मंजूरी

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Last Updated- December 15, 2022 | 8:15 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) को 6 महीने के लिए लंबित करने को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए इसे एक साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।
सरकार आईबीसी कानून में बदलाव को प्रभाव में लाने के लिए जल्द अध्यादेश ला सकती है। सूत्रों ने कहा कि अध्यादेश तैयार हो जाने के बाद कैबिनेट के फैसले का विस्तृत ब्योरा पेश किया जाएगा। आईबीसी लंबित करने का प्रस्ताव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 मई को पेश किया था। वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार दिवाला के किसी मामले में पहल करने को एक साल तक के लिए लंबित कर रही है और सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के लिए विशेष समाधान ढांचा पेश कर रही है। सरकार ने आईबीसी के तहत दिवाला के लिए सीमा 1 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी है, जिससे एमएसएमई को और ज्यादा राहत मिल सके।
सरकार ने कहा है कि वह कोविड संबंधी सभी कर्ज दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के तहत चूक की परिभाषा से छूट देगी। कंपनी मामलों का मंत्रालय जल्द ही कर्ज की अवधि तय करने के लिए अधिसूचना जारी करेगा, जिसे छूट के दायरे में माना जाएगा। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने किस्तों में भुगतान की छूट की अवधि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाने को अनुमति दे दी है।

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First Published - June 3, 2020 | 11:50 PM IST

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