ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) का संचयी शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में सालाना 6.3 प्रतिशत बढ़कर 1,234 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कमी के बाद मांग मजबूत होने से कंपनी के वाहनों की बिक्री बढ़ी है, जिससे इसे फायदा पहुंचा। ह्युंडै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा कि भारत में वाहनों की मांग कई नीतिगत उपायों के कारण बढ़ी है, जिनमें पिछले बजट में की गई आयकर में कमी, जीएसटी दरों में कटौती और 2025 में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संचयी ब्याज दरों में कमी शामिल हैं।
गर्ग ने कहा कि जीएसटी दर में कटौती के बाद सभी खंडों में वृद्धि दिखाई दे रही है मगर वाहन उद्योग के आंकड़ों में कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की बढ़ती लोकप्रियता की झलक मिलती है। उन्होंने बताया कि जनवरी और अगस्त के बीच हैचबैक की वाहनों की बिक्री में 22.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी मगर सितंबर से दिसंबर के बीच उनकी हिस्सेदारी घटकर 21.4 प्रतिशत रह गई। दूसरी तरफ, एसयूवी की हिस्सेदारी इसी अवधि में 22.1 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई। हालांकि, कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत बढ़ा है, मगर तिमाही आधार पर इसमें 21.5 प्रतिशत की गिरावट आई।
एचएमआईएल के निवेशक संबंध प्रमुख के एस हरिहरन ने कहा कि तिमाही के दौरान मार्जिन क्रमिक गिरावट कई कारणों से आई जिसमें कंपनी के पुणे संयंत्र पर आई अधिक लागत भी शामिल है। यह संयंत्र 1 अक्टूबर से शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि मौसमी कारकों के कारण निर्यात में भी तिमाही आधार पर कमी दर्ज की गई जिससे मार्जिन पर भी असर पड़ा। इसके अलावा, जिंसों की बढ़ती कीमतें खासकर मूल्यवान धातुओं, एल्युमीनियम और तांबा के कारण तिमाही के दौरान लागत बढ़ गई। हालांकि, हरिहरन ने कहा कि इनमें से कुछ प्रतिकूल असर की भरपाई पिछली तिमाही की तुलना में छूट में कुछ हद तक कमी से आंशिक रूप से हो गई।