facebookmetapixel
Advertisement
वॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजीज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार सख्त, अब बिना डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के नहीं मिलेगी दवाई

एचपी को अब न भाए पीसी

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:42 AM IST

पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) बनाने वाली दिग्गज कंपनी एचपी पीसी की घटती बिक्री के चलते अब मोबाइल निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित करने जा रही है।
एचपी का मानना है कि लोग भविष्य में सूचना हासिल करने के लिए पीसी की बजाय मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। एचपी इंडिया की प्रबंध निदेशक नीलम धवन के मुताबिक, ”अभी जो पर्सनल कंप्यूटर की भूमिका है, वह भविष्य में घटेगी।
मुझे पूरा विश्वास है कि अगले कुछ साल में लोग सूचना हासिल करने के लिए मोबाइल पर काफी हद तक निर्भर हो जाएंगे। हमारा फोकस महज मोबाइल बनाने पर नहीं बल्कि मोबाइल को कंप्यूटर का स्थानापन्न बनाने पर होगा।”
उन्होंने बताया कि एचपी इंडिया की कोशिश मोबाइल पेमेंट को सुरक्षित बनाने की होगी। धवन के शब्दों में, ”मोबाइल पेमेंट हो या रियल्टी शो के लिए एसएमएस करना। हमारी कोशिश होगी कि पेमेंट सुरक्षित हो और एसएमएस सही ऑडियंस तक पहुंचे। एचपी इसके लिए सर्वर और स्टोरेज के क्षेत्र में उतरने जा रही है।”
एचपी इंडिया को मॉडयूलर ब्लेड सर्वर इस्तेमाल करने का भी फायदा मिलता है। एचपी की हिस्सेदारी इस क्षेत्र में 60 फीसदी की है। वैसे पूरे सर्वर बाजार में 38 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ आईबीएम सबसे आगे है। धवन बताती हैं कि ब्लेड सर्वर के चलते क्षमता में इजाफा तो होता ही है, लागत भी घट जाती है।
उनके मुताबिक, एचपी इंडिया फिलहाल 130 वैल्यू ऐडेड कंपनियों को सर्वर और स्टोरेज की सेवाएं दे रही है। बहरहाल, एचपी का वैश्विक पर्सनल कंप्यूटर कारोबार करीब 90 अरब डॉलर का है। इसमें भारत का योगदान 3 अरब डॉलर का होता है।
वैश्विक स्तर पर 2009 की पहली तिमाही में पीसी की बिक्री 7.1 फीसदी घटी है, लेकिन नेटबुक की बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। उम्मीद है कि इस साल नेटबुक की बिक्री बढ़कर दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, एचपी इंडिया की इस क्षेत्र में बहुत मजबूत उपस्थिति नहीं रही है।
धवन ने स्वीकार किया कि इस क्षेत्र में उतरने में थोड़ी देर हो गई। उन्होंने बताया कि फरवरी में हमने नेटबुक लॉन्च की है और अब तक के नतीजे बता रहे हैं कि इसकी बिक्री ठीक है। उल्लेखनीय है कि एचपी ने कई रंगों में नेटबुक लॉन्च की है। इसमें 3जी सिम कार्ड के लिए भी जगह बनाई गई है।

Advertisement
First Published - May 7, 2009 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement