facebookmetapixel
Advertisement
Labour Day 2026: कृषि मजदूर सिर्फ मजदूर नहीं, देश के असली स्किल्ड प्रोफेशनल; कब मिलेगा सम्मान?Explainer: पुराने टैक्स नोटिस का झंझट खत्म? पुरानी डिमांड माफी का पूरा सच और पोर्टल पर सुधार का तरीकादेश में चीनी उत्पादन 7% बढ़ा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में रिकॉर्ड पैदावार; पर UP में दिखी हल्की गिरावटस्टैंडर्ड चार्टर्ड के 4.5 लाख क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को खरीदेगा फेडरल बैंक, बड़े शहरों में पकड़ बढ़ाने की कोशिशWaaree Energies: नतीजों के बाद शेयर में क्यों आई 11% की तगड़ी गिरावट? Q4 में मुनाफा 75% बढ़ा, रेवेन्यू हुआ डबलहर शेयर पर 2200% डिविडेंड देगी FMCG कंपनी, आ गई रेकॉर्ड डेट; Q4 में कमाया ₹2,994 करोड़ का मुनाफाAdani Ports Q4 Results: मुनाफा 10% बढ़कर ₹3,329 करोड़ पहुंचा, ₹7.5 डिविडेंड का ऐलानETF में रिकॉर्ड निवेश: FY26 में ₹1.8 लाख करोड़ का इनफ्लो, गोल्ड-सिल्वर ने मारी बाजीगोल्ड लोन देती है कंपनी, कमजोर बाजार में भी 6% उछला शेयर; ब्रोकरेज ने 34% अपसाइड का दिया टारगेटOnEMI Technology IPO: अप्लाई करने के लिए खुला, प्राइस बैंड ₹162-171 पर तय; सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं?

Go first के पट्टादाताओं को राहत, विमानों के रखरखाव कार्य की मिली मंजूरी 

Advertisement

विमान परिचालन पर उच्च न्यायालय की रोक, पट्टादाताओं को रखरखाव कार्य की दी अनुमति

Last Updated- July 05, 2023 | 10:18 PM IST
Go First

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को गो फर्स्ट (Go First) और उसके प्रतिनिधियों को दिवालिया विमानन कंपनी के पट्टादाताओं की मंजूरी के बिना अपने कब्जे वाले विमान का परिचालन करने से रोक दिया।

अदालत ने पट्टादाताओं को गो फर्स्ट के कब्जे वाले विमान का रखरखाव कार्य करने की भी अनुमति प्रदान की। विमान का पंजीकरण रद्द करने के मसले पर फैसला बाद में किया जाएगा।

अदालत ने कहा कि पट्टादाताओं के विमान काफी मूल्यवान हैं और उनके संरक्षण के लिए रखरखाव की आवश्यकता है तथा इसलिए यह निर्देश पारित किया जा रहा है कि पट्टादाताओं और उनके प्रतिनिधियों को अपने से संबंधित विमानों का निरीक्षण करने के लिए उस हवाईअड्डे तक पहुंचने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) तथा भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (AAI) द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी, जहां 30 विमान खड़े हुए हैं। न्यायमूर्ति तारा वितस्ता गंजू ने मौखिक रूप से यह आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि याचियों (पट्टादाताओं) को सामादेश याचिका (इस मामले में) के अंतिम निपटान तक महीने में कम से कम दो बार विमान, इंजन और अन्य पुर्जों के निरीक्षण तथा सभी अंतरिम रखरखाव कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

प्रतिवादी – गो एयर, इसके निदेशकों, कर्मचारियों, एजेंटों, अधिकारियों या प्रतिनिधियों अथवा राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त समाधान पेशेवरों या उनके प्रतिनिधियों को ऐसे विमान के पट्टादाताओं की पूर्व लिखित मंजूरी के बिना 30 विमानों में से किसी से भी कोई हिस्सा या पुर्जा निकालने, बदलने, हटाने आदि अथवा किसी भी संबंधित परिचालन या अन्य मैनुअल रिकॉर्ड, दस्तावेज तैयार करने से रोका जाता है।

विमान का पंजीकरण पर फैसला बाद में किया जाएगा

अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि विमान का पंजीकरण रद्द किया जाए या नहीं, इस मसले पर फैसला बाद में किया जाएगा। अदालत ने फैसले के आखिर में कहा कि पक्षों की ओर से कोई भी दलील अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल की जानी चाहिए।

उच्च न्यायालय ने 1 जून को गो फर्स्ट के पट्टादाताओं द्वारा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के खिलाफ दायर उन याचिकाओं के संबंध में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले डीजीसीए ने उच्च न्यायालय को बताया था कि उसने विमान पंजीकरण रद्द करने के लिए गो फर्स्ट के पट्टादाताओं का आवेदन खारिज नहीं किया है, लेकिन मॉरेटोरियम की वजह से यह प्रक्रिया (पंजीकरण रद्द करने की) स्थगित रखी थी।

एनसीएलएटी द्वारा 22 मई को राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट (NCLT) का आदेश बरकरार रखने के तुरंत बाद गो फर्स्ट के पट्टादाताओं ने डीजीसीए के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था। एनसीएलटी ने 10 मई को गो फर्स्ट का स्वैच्छिक दिवाला आवेदन स्वीकार कर लिया था।

Advertisement
First Published - July 5, 2023 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement