facebookmetapixel
लोन चुकाने के लिए EPF से पैसा निकालने का सोच रहे हैं? पहले ये बातें समझ लें, नहीं तो होगा नुकसानDebt Mutual Funds: दिसंबर में डेट फंड्स को लगा ₹1.32 लाख करोड़ का झटका, जानें क्यों निवेशकों ने निकाले पैसेखाद उत्पादन रिकॉर्ड पर, फिर भी यूरिया आयात क्यों बढ़ा? सरकार और FAI के आंकड़ों में दिखा फर्कभारत में ट्रेवल इंश्योरेंस की मांग लगातार क्यों बढ़ रही है और एक्सपर्ट इसे लेने की सलाह क्यों दे रहे हैं?बजट से पहले निवेशक क्यों नहीं लगाते बड़े दांव? जानिए अंदर की वजहGold ETF में आया रिकॉर्ड निवेश, दिसंबर में इनफ्लो 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ के ऑल टाइम हाई परसैलरी ₹1 लाख महीना है? एक्सपर्ट से समझें, आपको कितना हेल्थ कवर लेना चाहिए और क्या-क्या ध्यान रखना चाहिएइस साल Reliance Jio ला सकता है सबसे बड़ा IPO, 2.5% हिस्सेदारी बेच $4 अरब जुटाने की योजनाH-1B, H-4 वीजा धारकों के लिए अलर्ट: भारत की यात्रा से पहले सोचें, अमेरिका लौटना हो सकता है मुश्किलशेयर बाजार में हड़कंप! ACC, ITC, Bata समेत 28 बड़े शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

भारत-चीन गतिरोध से जीएम की बढ़ी चिंता

Last Updated- December 15, 2022 | 1:41 AM IST

भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण जनरल मोटर्स (जीएम) को अपने भारतीय संयंत्र की बिक्री ग्रेट वॉल मोटर को करने में देरी हो रही है जिससे उसे काफी नुकसान होने की आशंका है। इस मामले से अवगत लोगों ने कहा कि इस सौदे में देरी होने से जीएम की अनियोजित लागत काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन से संबंधित सौदे के लिए भारत सरकार की मंजूरी मिलने में अब काफी समय लग सकता है।

एक सूत्र ने कहा, ‘अगले साल तक यह या तो जीएम की बंद पड़ा संयंत्र होगा अथवा वह ग्रेट वॉल मोटर द्वारा परिचालित संयंत्र होगा।’ जीएम इस संयंत्र की बिक्री से प्राप्त 25 से 30 करोड़ डॉलर की रकम का इस्तेमाल अपनी देनदारियों को पूरा करने में करने में कर सकती है। जबकि एक अन्य सूत्र ने कहा कि यह सौदा जीएम के लिए न नफा न नुकसान की स्थिति जैसा होगा। हालांकि सौदा पूरा होने के बाद ही रकम हासिल होगी लेकिन अब जीएम को अपनी जेब से वेतन आदि लागत का भुगतान करना पड़ेगा। यदि सौदा समय पर हो जाता तो उसे इस प्रकार की लागत का भार नहीं उठाना पड़ता। दूसरे सूत्र ने कहा कि इस प्रकार की लागत लाखों डॉलर में हो सकती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि सौदे को लेकर अस्पष्टïता के कारण कर्मचारी लागत सामान्य स्थिति के मुकाबले काफी अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर नए रोजगार तलाशने के सीमित अवसर के बीच कर्मचारी अधिक राहत की मांग कर सकते हैं।

First Published - September 18, 2020 | 1:34 AM IST

संबंधित पोस्ट