कई अनुकूल स्थितियों के चलते फ्लैट पैनल डिस्प्ले (एफपीडी) का बाजार इस साल दोगुना होने की उम्मीद है।
कारोबारियों के मुताबिक, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल), ट्वेंटी20 विश्वकप और चुनाव की वजह से एफपीडी की मांग में तेजी देखी जा रही है।
इस कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, एलसीडी, प्लाज्मा और एलईडी (लाइट इमिटिंग डिस्प्ले) स्क्रीन का कारोबार पिछले साल की तुलना में बढ़ने की उम्मीद है। वर्ष 2008 में उपभोक्ताओं की सतर्क खरीदारी के चलते इन स्क्रीन वर्गों की मांग में कमी आई थी।
उद्योग का मानना है कि उन्नत प्रौद्योगिकी वाले स्क्रीन का बाजार तेजी से आगे बढ़ेगा। जाहिर है फ्लैट स्क्रीनों की मांग खूब बढ़ेगी। मालूम हो कि फ्लैट टीवी का बाजार टेलीविजन के कुल कारोबार का करीब 8 फीसदी है।
सैमसंग, एलजी, पैनासोनिक, वीडियोकॉन सहित कई अन्य कंपनियां इस श्रेणी पर अपना निवेश बढ़ा रही हैं। साथ ही नई तकनीक और आकार के एफपीडी लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। कोरियाई कंपनी सैमसंग ने इस वर्ग में अन्य सभी टीवी कंपनियों पर बढ़त ले रखी है। उसने कोरियाई कंपनी सैमसंग ने तो इस वर्ग में अन्य सभी कंपनियों पर बढ़त ले रखी है।
उसने एफपीडी की बिक्री बढ़ाने के लिए एलईडी हाई डेफिनिशन टीवी लॉन्च की है। पिछले महीने अमेरिका में इस रेंज की लॉन्चिंग हुई। इसकी कीमत 1.25 लाख से 3.5 लाख रुपये के बीच रखी गई। सैमसंग इंडिया के उप प्रबंध निदेशक आर. जुत्शी ने बताया, ”हमें उम्मीद है कि इस साल एलईडी टीवी का हमारा कारोबार एफपीडी टीवी के कारोबार का 10 फीसदी हो जाएगा।”
कंपनी की योजना इस साल 6 लाख एफपीडी टीवी बेचने की है, जो पिछले साल महज 3 लाख रही थी। इसमें एलईडी टीवी का कारोबारी आकार 60,000 रहने का अनुमान है। दूसरी ओर एलजी इंडिया भी इस वर्ग में कई लॉन्चिंग की तैयारी कर रही है। एलजी की योजना अपनी बाजार हिस्सेदारी मौजूदा 22 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी करने की है।
एलजी एंटरटेनमेंट इंडिया लिमिटेड के अमिताभ तिवारी ने बताया, ”कई चक्रों में हम नई प्रौद्योगिकी बाजार में उतारेंगे। इसकी शुरुआत इस महीने स्कारलेट 2.0 की लॉन्चिंग से होगी। मई अंत तक 200 हर्ट्ज की एलसीडी स्क्रीन लॉन्च की जाएगी। उसके बाद भी कई उत्पादों की लॉन्चिंग होनी है।”
इस साल एलजी केवल फ्लैट टीवी पर पिछले साल के 60 करोड़ की तुलना में 100 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। पैनासोनिक ने भी इस श्रेणी पर अपना ध्यान बढ़ाया है। कंपनी अपने नोएडा संयंत्र की क्षमता 35 हजार एलसीडी से बढ़ाकर 90 हजार करने जा रही है। वीडियोकॉन की बात करें तो इसका ध्यान दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों पर है।
उल्लेखनीय है कि कंपनी की कुल बिक्री में इन शहरों का हिस्सा 40 फीसदी का होता है। हालांकि बड़े शहरों पर भी कंपनी की नजर है। कंपनी ने मनोरंजन उद्योग में अपनी स्पांसरशिप हिस्सेदारी बढ़ाने और थोक बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।