देश में 5जी सेवाओं की वाणिज्यिक शुरुआत जल्द शुरू होने की संभावना है। इसे देखते हुए दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनियां अपने स्थानीय परिचालन को लगातार बेहतर कर रह रही हैं। भारती एयरटेल ने एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग के साथ नेटवर्क समझौते के बाद अगस्त से अपनी 5जी सेवाओं को शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि एयरटेल अपने 4जी उपकरण के लिए एरिक्सन और नोकिया के साथ पहले से ही साझेदारी कर रखी है जबकि सैमसंग के साथ पहली बार साझेदारी की जा रही है।
एरिक्सन अपने पुणे संयंत्र में 5जी रेडियो और माइक्रोवेव उपकरण का उत्पादन करेगी। इस संयंत्र की स्थापना 2016 में की गई थी और वहां निर्यात के लिए 5जी उपकरणों का उत्पादन होता है। पुणे संयंत्र से उत्पादित उपकरणों का निर्यात काफी हद तक दक्षिणपूर्व एशियाई देशों को किया जाता है।
एरिक्सन के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अपना 5जी उत्पादन बढ़ाएंगे ताकि भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा किया जा सके।’
नोकिया भी अपने चेन्नई कारखाने के परिचालन को मजबूत कर रही है। इसके अलावा वह भारत में 5जी सेवाओं की तैयारी के लिए पिछले तीन-चार साल से अपने कर्मचारियों को नए कौशल सिखाने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी के चेन्नई संयंत्र में 2008 से अब तक 50 लाख से अधिक दूरसंचार नेटवर्क उपकरणों का उत्पादन हो चुका है। इस संयंत्र से विनिर्मित 50 फीसदी से अधिक दूरसंचार नेटवर्क उपकरणों का निर्यात किया गया है। यह संयंत्र 2018 से ही 5जी उपकरणों का उत्पादन और निर्यात कर रहा है।
नोकिया ने एक ईमेल के जवाब में कहा, ‘रेडियो ऐक्सेस नेटवर्क (आरएएन) उपकरणों की अधिकांश घरेलू जरूरतों को चेन्नई संयंत्र के जरिये पूरा किया जा रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि 5जी के लिए भी यही स्थिति बरकरार रहेगी।’ उसने कहा, ‘हमने वर्षों से इस देश में निवेश किया है और उम्मीद करते हैं कि आगे हमारे कारखाने के परिचालन में केवल मजबूती आएगी।’
एरिक्सन और नोकिया दोनों दूरसंचार के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना में भाग ले रही हैं। नोकिया ने कहा कि उसने इस वर्ष के लिए पीएलआई योजना के तहत निवेश लक्ष्य से कहीं अधिक का निवेश किया है।
नोकिया ने कहा, ‘हम भारत में 5जी के लिए 3-4 साल से तैयारी कर रहे हैं। हमने अपने कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए लगातार निवेश किया है। नोएडा के हमारे वैश्विक नेटवर्क परिचालन केंद्र दुनिया भर में 5जी नेटवर्क को सपोर्ट कर रहा है। साथ ही बेंगलूरु का हमारा आरऐंडडी केंद्र लगातार 5जी के उदय, उन्नत 5जी और अब 6जी मानकों के लिए काम कर रहा है।’
मोबाइल सेवा प्रदाताओं ने एक सप्ताह चली 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी के तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम की खरीदारी की है। स्पेक्ट्रम नीलामी पिछले सोमवार को समाप्त हो गई। कंपनियों ने 51,336 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की खरीदारी की जो कुल पेशकश का करीब 71 फीसदी है।