कंज्यूमर ड्यूरेबल और इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां सहित त्योहारी बिक्री पर निर्भर रहने वाली तमाम कंपनियों का कहना है कि अगस्त और सितंबर महीने के दौरान बिक्री में काफी सुधार दिखा है और अब वे अगले महीने से शुरू होने वाले दशहरा-दीवाली की अवधि के लिए तैयारी कर रही हैं। अर्थशास्त्रियों द्वारा कमजोर आर्थिक सुधार की चेतावनी दिए जाने के बावजूद ये कंपनियां त्योहारी सीजन से काफी आशान्वित दिख रही हैं।
केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि हम वी आकार में सुधार देखेंगे। हालांकि अच्छा संकेत यह है कि लॉकडाउन के कारण अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में दिखा 57.6 फीसदी का संकुचन अब कम हो रहा है।’ विशेषज्ञों ने कहा कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की करीब एक तिहाई बिक्री त्योहारी सीजन में होती है। इसलिए कंपनियां अगस्त-सितंबर से ही इसके लिए तैयारी शुरू कर देती हैं। इसी क्रम में वे अपने उत्पादों को बाजार में आगे बढ़ाती हैं और त्योहारी सीजन के लिए तमाम अभियानों को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान बड़े पैमाने पर छोटे अप्लायंसेज की भी खरीदारी की जाती है क्योंकि लोग उपहार देने के लिए उनकी खरीदारी करते हैं।
गोदरेज अप्लायंसेज के कारोबार प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, ‘अगस्त के बाद से हमें घरेलू अप्लांसेज और टेलीविजन बाजार में भी अच्छी मांग दिख रही है क्योंकि इस श्रेणी में लॉकडाउन खुला है और वस्तुओं की आवाजाही भी बढ़ी है।’ नंदी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) के अध्यक्ष भी हैं।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टेलीविजन जैसी श्रेणियों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले अगस्त में 8 से 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सितंबर में भी इसी प्रकार की वृद्धि देखी गई है।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शेखर बजाज ने कहा कि अगस्त में किचन अप्लायंसेज के बाजार में ‘स्थायी मांग’ देखी गई क्योंकि लोग अपने घर पर अधिक समय बिता रहे थे। उन्होंने कहा, ‘लॉकडाउन खुलने के बाद जून और जुलाई में हमने अटकी हुई मांग देखी थी। लेकिन अगस्त के बाद मांग में स्थिरता आ गई है जो एक अच्छा संकेत है।’
टीटीके प्रेस्टीज के चेयरमैन टीटी जगन्नाथन ने कहा कि लोग खुद के लिए अधिक खाना पका रहे हैं जिससे किचन अप्लायंसेज की मांग को बल मिला है।