ड्रीम11, फैनकोड और ड्रीमएक्स जैसे ब्रांडों की मालिक स्पोट्र्स टेक्नोलॉजी कंपनी ड्रीम स्पोट्र्स ने टीसीवी, डी1 कैपिटल पार्टनर्स और फाल्कन एज के जरिये नए फंडिंग राउंड में 40 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई है। भारत में यह टीसीवी का पहला निवेश है। सूत्रों का कहना है कि नए राउंड के निवेश के साथ कंपनी का मूल्यांकन करीब 5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इस सेकंडरी कोष उगाही राउंड में टाइगर ग्लोबल, क्रिसकैपिटल, टीपीजी ग्रोथ, स्टीडव्यू कैपिटल और फुटपाथ वेंचर्स जैसे मौजूदा निवेशकों की भी भागीदारी देखी गई है। नवरोज उडवाडिया द्वारा सह-स्थापित फाल्कन एज कैपिटल में अल्फा वेब द्वारा निवेश किया गया है।
सेकंडरी फंडिंग राउंड का मतलब यह है कि कंपनी को कोई रकम प्राप्त नहीं हुई है। यह कोष उन मौजूदा निवेशकों के पास गया है जो कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जहां कालारी कैपिटल और मल्टीपल अल्टरनेट ऐसेट मैनेजहमेंट जैसे कुछ पुराने निवेशकों ने ऊंचे प्रतिफल पर कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेची है, वहीं इनमें से कोई भी इस राउंड में कंपनी से बाहर नहीं हुआ है। ड्रीम स्पोट्र्स ने पिछले साल सितंबर में 2.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 22.5 करोड़ डॉलर जुटाए थे। अब मूल्यांकन करीब 5 अरब डॉलर के साथ दोगुना हो गया है और ड्रीम स्पोट्र्स भारत के सबसे ज्यादा मूल्यवान स्टार्टअपों (पेटीएम, बायजू, जोमेटो और ओयो समेत) की सूची में शामिल हो गई है।
ड्रीम स्पोट्र्स के मुख्य कार्याधिकारी एवं सह-संस्थापक हर्ष जैन ने कहा, ‘भारतीय स्टार्टअप व्यवस्था के लिए यह बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। हमने रियल-लाइफ स्पोर्टिंग इवेंट और प्रशंसकों को उनके पसंदीदा स्पोर्ट से जोडऩे के लिए भारत में फैंटेसी स्पोट्र्स कैटेगरी शुरू की है। हम भारतीय खेल तंत्र के समग्र विस्तार में लगातार योगदान देकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।’ एवेंडस कैपिटल इस सौदे के लिए ड्रीम स्पोट्र्स की विशेष वित्तीय सलाहकार थी। मुंबई स्थित और 2008 में जैन तथा भवित सेठ द्वारा स्थापित यह कंपनी कई वर्षों से निवेशकों को आकर्षित करने में विफल रही थी और कानूनी विवादों में फंसी हुई थी, क्योंकि भारत में फैंटेसी स्पोट्र्स को अवैध समझा जाता था। हालांकि 2017 में एक अनुकूल अदालती आदेश में इससे संबंधित कानूनी बाधाएं समाप्त हो गईं। नेटफ्लिक्स और एयरबीएनबी जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों में निवेश कर चुकी टीसीवी में जनरल पार्टनर गोपी वड्डी ने कहा, ‘भारत दुनिया के सबसे बड़े और बेहद लोकप्रिय खेल प्रशंसक आधार का केंद्र है। ड्रीम स्पोट्र्स इस समुदाय को बेहद नए उत्पादों की पेशकश कर रही है। हम हर्ष, भवित और ड्रीम स्पोट्र्स टीम द्वारा किए गए कार्य से प्रोत्साहित हैं और आगे भी उनके साथ भागीदारी चाहते हैं।’ दिलचस्प बात यह है कि ड्रीम11 गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन उसका उपयोगकर्ता आधार 10 करोड़ का है। यह पिछले साल 3 करोड़ डॉलर की बोली के बाद आईपीएल टूर्नामेंट के लिए प्रमुख प्रायोजक थी।
वॉइरो ने जुटाए 18 लाख डॉलर
बेंगलूरु के एसएएएस स्टार्टअप और मीडिया एवं सामग्री कंपनियों के लिए राजस्व एनालिटिक्स उत्पाद सूट उपलब्ध कराने वाली कंपनी वॉइरो ने मेला वेंचर्स के नेतृत्व में एक निवेश दौर के तहत 18 लाख डॉलर जुटाए हैं। वॉइरो के शुरुआती दौर के निवेश में 2019 में भाग लेने वाले शुरुआती चरण के वेंचर कैपिटल फंड एवं एंजल प्लेटफॉर्म 1क्राउड ने भी इस दौर में भाग लिया। कविता शेनॉय, आनंद गोपाल, अनिल करात और जितिन जॉर्ज ने 2014 में वॉइरो की स्थापना की थी। वॉइरो एक मीडिया प्रौद्योगिकी कंपनी है जिस पर भारत के कुछ बड़े मीडिया हाउसों ने भरोसा किया है। वॉइरो की संस्थापक एवं सीईओ कविता शेनॉय ने कहा, हमने हमेशा मीडिया टीम के लिए मुद्रीकरण संबंधी चुनौतियों के समाधान और ग्राहक अनुभव में हमारी क्षमता पर गर्व महसूस किया है। यह निवेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार के विस्तार में उल्लेखनीय भूमिका निभाएगा। बीएस