वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि सरकार ने हाल में नई पीढ़ी की फर्मों के लिए हाल ही में सीड फंड स्कीम की घोषणआ की थी, जिससे उन्हें धन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह खासकर विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर विचारों पर काम करने वाले स्टार्टअप के लिए लाभदायक होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि अक्सर बेहतरीन विचार अंतरराष्ट्रीय वेंचर कैपिटलिस्ट द्वारा बहुत मामूली पैसे में खरीद लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि बेहतरीन विचार सस्ते में नहीं बेचे जाएंगे, खासकर विदेशी निवेशकों को, जो बेहतरीन विचार चिह्नित करने में सक्षम हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह योजना हमारे घरेलू उद्यमियों और उनके कारोबारी विचारों को को समर्थन देगी, जिन्हें शुरुआती दौर में अक्सर धन की कमी से जूझना पड़ेगा।’स्टार्टअप इंडिया सीट फंड स्कीम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी में की थी। इसका लक्ष्य स्टार्टअप को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अगले 4 साल के दौरान 945 करोड़ रुपये पूंजी शुरुआती कारोबार के लिए पात्र स्टार्टअप को इन्क्यूबेटर्स के माध्यम से दी जाएगी।
इस योजना को 4 साल के लिए मंजूरी दी गई है, जो 2021-22 से शुरू होगा और उम्मीद की जा रही है कि इससे करीब 3,600 स्टार्टअप को समर्थन मिलेगा।
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने एक विशेषज्ञों की सलाहकार समिति बनाई है, जिसके माध्यम से इस योजना पर काम और इसकी निगरानी होगी। दिशानिर्देशों के मुताबिक पात्र इन्क्यूबेटर्स को 5 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा, जिनका चयन समिति करेगी। गोयल ने कहा कि इस योजना से स्टार्टअप के लिए खासकर छोटे और मझोले शहरों में बहुत तेजी से वातावरण तैयार होगा।