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डीएलएफ बायबैक से मजबूत करेगी बुनियाद

Last Updated- December 07, 2022 | 9:40 AM IST

बाजार के उतार चढ़ाव के बीच अपनी मजबूती बरकरार रखने के लिए दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने अब बायबैक का सहारा लिया है।


शेयरों के मैदान में लड़खड़ा रहे रियल एस्टेट खिलाड़ी के प्रमोटरों ने बाजार से कंपनी के शेयर खरीदकर अपनी बुनियाद मजबूत करने की योजना बनाई है।

हालांकि जानकार इसे बहुत अच्छा कदम नहीं मान रहे हैं क्योंकि महज 8 महीने पहले अपनी परियोजनाओं के लिए कंपनी सिंगापुर समेत कई देशों से अरबों डॉलर की रकम जुटाने जा रही थी, लेकिन अब शेयर कीमत में आई तेज गिरावट के बीच उसे बायबैक की पेशकश करनी पड़ रही है।

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी रमेश सांका भी कहते हैं कि कंपनी की ताकत में कोई कमी नहीं आई है। उनका कहना है कि बायबैक की पेशकश को कंपनी की कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। आंकड़ों पर जाएं, तो रियल एस्टेट के लिए शुरू हुए दुर्दिनों के बीच डीएलएफ के शेयर की कीमत इसी साल 68 फीसद से भी ज्यादा गिरी है। जनवरी में डीएलएफ के शेयर 1,225 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे, लेकिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में आज का कारोबार खत्म होने पर किस्मत के मारे ये शेयर 381.85 रुपये प्रति शेयर की कीमत तक लुढ़क गए।

निवेशकों को डीएलएफ के इस ऐलान से खासा अचंभा हो रहा है। होना भी चाहिए क्योंकि एक वक्त इसे सबसे दमदार रियल एस्टेट खिलाड़ियों में गिना जा रहा था और इसके कारोबारी मंसूबे भी उतने ही ऊंचे थे। जानकार मान रहे हैं कि डीएलएफ के शेयरधारक बाजार की हालत देखकर घबरा गए हैं और इसी वजह से कंपनी को यह कदम उठाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक इससे साफ पता चलता है कि कंपनी का खुद पर भरोसा कम हो गया है। दरअसल रिजर्व बैंक ने रेपो रेट बढ़ाकर रियल एस्टेट के मैदान की कंपनियों के लिए वैसे भी दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में डीएलएफ या दूसरी कंपनियों के लिए परेशानी होना लाजिमी है।

डीएलएफ ने शेयरों को वापस खरीदने यानी बायबैक के लिए अपनी योजना भी लगभग तैयार कर ली है। हालांकि इसके लिए फैसला अगले हफ्ते ही होगा, लेकिन कंपनी लगभग 500 करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च करने जा रही है। माना जा रहा है कि इससे तकरीबन 1 करोड़ शेयर खरीद लिए जाएंगे। निवेशकों के लिए वैसे यह अच्छी स्थिति नहीं है क्योंकि कंपनी के आईपीओ का इश्यू मूल्य ही 525 रुपये था। हालांकि वित्तीय जानकार इसे फिर भी निवेशकों के लिए अच्छा मान रहे हैं।

एंजेल ब्रोकिंग के एक विश्लेषक का कहना है, ‘हम अपने ग्राहकों को पहले ही रियल एस्टेट से दूर रहने के लिए कह चुके हैं। बायबैक का मतलब है कि उन्हें डीएलएफ से निकलने का आसान और सुनहरा मौका मिल गया है।’ जानकार यह भी कह रहे हैं कि बायबैक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी के शेयर फिर लुढ़केंगे। हालांकि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। उसने साल में 7855.80 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि उससे पिछले वित्त वर्ष में उसका मुनाफा महज 1933.30 करोड़ रुपये था। लेकिन निवेशक बहीखाता देखने के बाद भी निश्चिंत नहीं हैं।

First Published - July 4, 2008 | 10:55 PM IST

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