facebookmetapixel
Advertisement
टियर-2 शहर बने रियल एस्टेट का नया ग्रोथ इंजन, डेवलपर्स का बढ़ा निवेशभारत बनेगा GCC की ग्लोबल राजधानी! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रखा 2030 तक 5,000 सेंटर का लक्ष्यOil Shock से अब कम डरेगा भारत! 1991 के मुकाबले 30% ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट हुई अर्थव्यवस्थाGoogle vs Hindware: कीवर्ड बिडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा गूगल, सिंगल बेंच के फैसले को दी चुनौतीTCS Q1 Results: AI कारोबार ने बढ़ाई रफ्तार, उम्मीद से बेहतर रहे नतीजे; मुनाफा 4.6% बढ़कर ₹13,349 करोड़ पहुंचाSME IPO होंगे सस्ते? सेबी ला रहा बड़ा सुधार, डीलिस्टिंग से लेकर लिस्टिंग लागत तक बदल सकते हैं नियमतेल की कीमतें तय करेंगी बाजार की चाल! कोटक एएमसी के एमडी नीलेश शाह बोले- रिटर्न की उम्मीदें रखें सीमितNSE Co-location Case: चित्रा रामकृष्ण को हाई कोर्ट से झटका, भ्रष्टाचार मामले में याचिका खारिजQ1 Preview: वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में अव्वल रहेंगी एनर्जी और टेलीकॉम कंपनियां ब्लूमबर्ग ने शुरू की भारत के सरकारी बॉन्ड की ई-ट्रेडिंग, FPI को मिलेगी बड़ी सुविधा

IOCL के इनपुट टैक्स रिफंड के विवाद का दिल्ली हाईकोर्ट ने किया समाधान

Advertisement

जीएसटी कानून के तहत इनपुट टैक्स रिफंड तब लागू होता है जब आउटपुट शून्य टैक्स होता है या आउटपुट से अधिक इनपुट टैक्स हो।

Last Updated- December 11, 2023 | 11:36 PM IST
Bogus firms

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वस्तु एवं सेवा कर (सीएसटी) में तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के इनपुट टैक्स रिफंड के विवाद का समाधान कर दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैसला केवल तेल उद्योग ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी मिसाल है।

कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इनपुट टैक्स रिफंड को प्रोसेस करे, चाहे उनके प्रिंसिपल इनपुट और प्रिंसिपल आउटपुट पर कर की दर समान हो।

जीएसटी कानून के तहत इनपुट टैक्स रिफंड तब लागू होता है जब आउटपुट शून्य टैक्स होता है या आउटपुट से अधिक इनपुट टैक्स हो। इसे तकनीकी रूप से इनवर्टिड ड्यूटी स्ट्रक्चर कहा जाता है।

अन्य सभी मामलों में इनपुट टैक्स का इस्तेमाल आउटपुट पर कर की अदायगी के लिए किया जाता है जिसे तकनीकी रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) कहा जाता है। इस मामले में आईओसीएल को इनपुट टैक्स रिफंड से मना कर दिया गया था। थोक तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) पर पांच प्रतिशत इनपुट टैक्स है और ऐसा ही प्रिंसिपल आउटपुट एलपीजी की बोतल पर है। इस दलील के आधार पर आईओसीएल ने दावा किया कि इन सभी का इनपुट पांच प्रतिशत से अधिक है। लिहाजा वह इनपुट टैक्स रिफंड के योग्य है।

आईओसीएल थोक में एलपीजी के अलावा सिलिंडर की सुरक्षा के अन्य कई अन्य वस्तुओं पर भी इनपुट का इस्तेमाल करता है। इनमें वॉल्व, सेफ्टी कैप, नॉयलान का धागा, स्टैनलेस स्टील क्लिप, प्लास्टिक सील, लुब्रिकेंट्स, नट और बोल्टल, गैसकेट, पानी का पंप, फ्यूल फिल्टर, तेल, क्लैम्प, आग बुझाने वाले अग्निशामक आदि हैं। अदालत ने आईओसीएल के पक्ष में फैसला सुनाया।

ईवाई के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला अपने में ऐतिहासिक है। इसमें न केवल आईओसीएल के रिफंड मिलने को जायज ठहराया गया है बल्कि जीएसटी के तहत होने वाले सभी कारोबारी संचालन के लिए मिसाल तय की है।

Advertisement
First Published - December 11, 2023 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement