5जी सेवा पर कंपनियां तलब

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:51 PM IST

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 12 अक्टूबर को मोबाइल उपकरण निर्माताओं और दूरसंचार कंपनियों की बैठक बुलाई है। दूरसंचार कंपनियों द्वारा ​शिकायत की गई थी कि मोबाइल उपकरण कंपनियों ने ग्राहकों द्वारा खरीदे जाने वाले उनके 5जी फोन को अपग्रेड करने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर पैच की सुविधा नहीं दी है। इस ​शिकायत के बाद दूरसंचार विभाग ने यह बैठक बुलाने का निर्णय लिया।    
दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि इस वजह से 5जी फोन वाले ग्राहक अपने मोबाइल पर उनकी सेवा हासिल नहीं कर पा रहे हैं, जबकि उन्होंने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, वाराणसी समेत कई शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। 
हालांकि उपकरण निर्माताओं का तर्क है कि दूरसंचार कंपनियां कह रही हैं कि उन्होंने दशहरा वाले सप्ताह में 5जी की पेशकश की है, लेकिन वे बेहद कम टावर ही तैयार कर पाई हैं और इस समस्या के लिए उन पर आरोप लगाना उचित नहीं है। मोबाइल उपकरण निर्माताओं के संगठन आईसीईए के एक वरिष्ठ 
अ​धिकारी का मानना है, ‘हमें इन सर्किलों में ग्राहकों द्वारा खरीदे गए सभी 5जी फोन के लिए एयर सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने में एक-दो महीने लगेंगे। मौजूदा समय में पूरे देश में करीब 7 करोड़ 5जी आधारित फोन हैं।
पूरी प्रक्रिया के लिए हमें, सबसे पहले वि​भिन्न नेटवर्कों पर सॉफ्टवेयर अपग्रेड पैच टेस्ट करना होगा और इसमें कुछ समय लगेगा। हमने इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है और बड़ी संख्या में मोबाइल को 5जी सेवा के लिए समक्ष बनाया जा चुका है।’ 
दूरसंचार सचिव और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव द्वारा उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी और इसमें सैमसंग, ऐपल, ओपो, वीवो, श्याओमी, कार्बन, लावा, एचएमडी ग्लोबल, माइक्रोमैक्स, मोटोरोला और वन प्लस समेत प्रमुख मोबाइल उपकरण कंपनियां शामिल होंगी।
इसके अलावा, दूरसंचार विभाग ने विवादास्पाद मुद्दे के समाधान के लिए तीन दूरसंचार कंपनियों – भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया के साथ साथ चिप निर्माता क्वालकॉम के प्रतिनि​धियों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया है। 
बैठक के एजेंडे की जानकारी सभी पक्षों को दे दी गई है। बैठक में तीन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। इनमें एक है ग्राहकों के हैंडसेट को दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के 5जी नेटवर्क पर पेश 5जी सेवाओं के लिए सक्षम बनाना। 
दूसरा, इसमें हैंडसेट निर्माताओं और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा सभी 5जी हैंडसेट के लिए एफओटीए (फर्मवेयर ओवर द एयर) अपग्रेड पर चर्चा करना शामिल होगा। तीसरा बिंदु होगा भारत में 5जी की जल्द लोकप्रियता के लिए सॉफ्टवेयर उन्नयन को प्राथमिकता देना। 
दूरसंचार कंपनियों ने जल्दबाजी में अपनी 5जी सेवाएं शुरू की हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से पेश किया जाना है। जहां रिलायंस जियो का कहना है कि उसकी सेवा अगले साल के अंत तक हरेक तालुके, कस्बे और जिले में उपलब्ध होगी, वहीं एयरटेल ने मार्च 2024 तक पूरे भारत में अपनी 5जी सेवा मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। 
 

First Published : October 11, 2022 | 10:17 PM IST