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रिलायंस पर ब्रोकरेज मेहरबान

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:12 AM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का शेयर सोमवार को 2.5 प्रतिशत गिर गया था, क्योंकि इस तेल एवं दूरसंचार दिग्गज ने शुक्रवार को मार्च तिमाही के लिए मिश्रित आंकड़े दर्ज किए। इस वजह से इस शेयर में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। हालांकि मुकेश अंबानी नियंत्रित आरआईएल का कर-बाद लाभ (पीएटी) वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 108 प्रतिशत बढ़कर 13,227 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, लेकिन यह ब्लूमबर्ग के 13,704 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा। परिचालन से आरआईएल का राजस्व सालाना मार्च तिमाही में आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा। ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों ने चौथी तिमाही के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान जताया था।
यहां ब्रोकरों द्वारा कंपनी के वित्तीय परिणाम पर दी गई प्रतिक्रियाएं पेश की जा रही हैं:

जेपी मॉर्गन
आरआईएल ने अनुमान से ज्यादा ब्याज लागत, ऊंची कर दर और जियो एबिटा एवं एआरपीयू में कमजोरी की वजह से अपेक्षित प्रदर्शन दर्ज नहीं किया है। ओ2सी व्यवसाय का प्रदर्शन अनुमान के अनुरूप रहा। प्रबंधन की टिप्पणी कोविड की दूसरी लहर को देखते हुए बेहद सतर्क थी, और कुल मिलाकर, हम आय के लिए गिरावट का जोखिम देख रहे हैं। परिचालन स्तर पर आय परिवेश कमजोर बना हुआ है।

मॉर्गन स्टैनली
हमारा अनुमान वित्त वर्ष 2022/वित्त वर्ष 2023 के लिए बाजार अनुमानों के मुकाबले ऊपर है और रसायन तथा रिफाइनिंग व्यवसाय में आपूर्ति संबंधित मंदी और गैस उत्पादन में तेजी तथा ग्राहक वृद्घि से मदद मिली है। हमने अपना पेट्रोरसायन मार्जिन अनुमान बढ़ाया है, लेकिन भारत में ताजा लॉकडाउन के प्रभाव को देखते हुए रिटेल राजस्व अनुमानों को घटाया है। कुल मिलाकर हमने वित्त वर्ष 2022 के लिए अपना आय अनुमान 7 प्रतिशत तक घटाया है, हालांकि हम कोविड-पूर्व स्तर से मुनाफे में 23 प्रतिशत सीएजीआर वृद्घि की उम्मीद देख रहे हैं।

नोमुरा
आरआईएल ने अपने सभी प्रमुख सेगमेंट में तिमाही आधार पर बेहतर एबिटा दर्ज किया, हालांकि अन्य आय में कमी, ऊंचे कर प्रावधान आदि की वजह से पीएटी पर दबाव पड़ा और मुनाफे में कमजोरी रही। कोविड-19 महामारी में ताजा तेजी की वजह से कंपनी के मुख्य व्यवसायों पर दबाव पड़ेगा। हमें ज्यादा प्रभाव रिटेल पर पडऩे की आशंका है, क्योंकि ग्राहकों की आवक अप्रैल में घटकर कोविड-पूर्व स्तर के 35-40 प्रतिशत पर रह गई और इसका वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही पर दबाव दिखने का अनुमान है। हमें ओ2सी में अपेक्षाकृत कम प्रभाव पडऩे का अनुमान है।

सीएलएसए
रिलायंस का वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही का मुख्य एबिटा जताए गए अनुमानों के मुकाबले 5 प्रतिशत तक कम रहा और कमजोर अन्य आय का पीएटी पर 12 प्रतिशत प्रभाव पड़ा। जियो का एबिटा अनुमान के अनुरूप रहा, क्योंकि मजबूत ग्राहक वद्घि से कम एआरपीयू की भरपाई हुई। रिटेल सेगमेंट का एबिटा 12 प्रतिशत ऊपर रहा और समेकित पीएटी अनुमान के अनुरूप रहा। महत्वपूर्ण कारकों के अभाव और आय संबंधित संभावित डाउनग्रेड से अल्पावधि तेजी सीमित रह सकती है। दीर्घावधि के आधार पर आउटपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है।

गोल्डमैन सैक्स
आरआईएल की चौथी तिमाही का समेकिता एबिटा 22,800 करोड़ रुपये पर रहा जो हमारे अनुमानों के अनुरूप है। साथ ही मजबूत ऊर्जा सेगमेंट में चौथी तिमाही में दर्ज किया गया सुधार मुक्त नकदी प्रवाह में तेजी का संकेत है।

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First Published - May 3, 2021 | 11:44 PM IST

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