घरेलू भारतीय लाइफस्टाइल ब्रांड बोट ने वैश्विक पीई कंपनी वारबर्ग पिनकस की सहयोगी से 10 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई है। बोट ने मेक-इन-इंडिया पहल के तहत अपने निर्माण तंत्र को मजबूत बनाने, भारत में अपने उत्पादों का निर्माण को ध्यान में रखते हुए यह कोष उगाही की है।
सूत्रों के अनुसार, नई कोष उगाही के साथ कंपनी की वैल्यू अब करीब 28 करोड़ डॉलर हो गई है। इस पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपनी आरऐंडडी क्षमताएं बढ़ाने और मेक इन इंडिया योजनाएं शुरू करने पर करेगी। बोट के सह-संस्थापक समीर मेहता ने कहा, ‘हमने अपने उत्पादों को भारत से निर्मित करने का लक्ष्य रखा है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे करीब 50 प्रतिशत उत्पाद अगले कुछ वर्षों में भारत में निर्मित हों।’ मौजूदा समय में, कंपनी द्वारा मुहैया कराए जाने वाले ज्यादातर उत्पादों में हेडफोन, ईयरफोन, स्मार्टवॉच, स्पीकर आदि का निर्माण चीन में होता है।
जहां कंपनी शुरू में अनुबंध निर्माण का दायरा बढ़ाएगी, वहीं उसने भारत में एक प्रमुख फैक्टरी स्थापित करने का भी लक्ष्य रखा है। मेहता ने कहा, ‘हमने एक निर्माण इकाई लगाने की योजना बनाई है, जिस पर बोर्ड सदस्यों के साथ विचार-विमर्श चल
रहा है।’ वारबर्ग पिनकस के साथ इस सौदे के लिए एवेंडस कैपिटल ने बोट और उसके शेयरधारकों के लिए वित्तीय सलाहकार की भूमिका निभाई है।
वर्ष 2016 में मेहता और अमन गुप्ता द्वारा शुरू की गई यह कंपनी जल्द ही 1,000 करोड़ रुपये के राजस्व का आंकड़ा पार करेगी, क्योंकि वह प्रतिदिन करीब 15,000 उत्पाद लगातार बेच रही है। आईडीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बोट ने पिछले साल करीब 700 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया।