facebookmetapixel
Advertisement
इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश में बड़ा कदम, केंद्र ला सकता है पहला मल्टी-सेक्टर ट्रस्टHDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, ICICI ग्रुप को मिली अहम मंजूरीStock Market Today: मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआत?Stocks To Watch Today: Lenskart से Federal Bank तक कई दिग्गज स्टॉक्स पर आज रहेगी नजर; चेक करें लिस्टअब नहीं चलेगा जबरन बीमा-MF बेचने का खेल, RBI ने कसा शिकंजाअकासा एयर को बड़ा झटका, सह-संस्थापक प्रवीण अय्यर का इस्तीफामुंबई को मिलेगा ‘अमैन’ का शानदार होटल, ओबेरॉय रियल्टी के साथ डील पक्कीव्यापार समझौतों से खुलेगा ‘विकसित भारत’ का रास्ता, ट्रंप टैरिफ के बीच अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूतीEditorial: 2070 तक नेट जीरो के लिए नीति आयोग का महाप्लानAmazon का नया कीर्तिमान: 2025 में प्राइम मेंबर्स को मिली सुपरफास्ट डिलिवरी, 55 करोड़ पैकेट पहुंचे घर

कोल इंडिया की बड़ी पहल: कोयले से गैस बनाने के लिए BHEL के साथ की साझेदारी, 6.6 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट का होगा उत्पादन

Advertisement

कोल इंडिया और बीएचईएल ने मई 2024 में संयुक्त उपक्रम बीसीजीसीएल स्थापित किया था। इसमें सीआईएल की 51 फीसदी और बीएचईएल की 49 फीसदी हिस्सेदारी है।

Last Updated- July 10, 2024 | 9:54 PM IST
कोल इंडिया की बड़ी पहल: कोयले से गैस बनाने के लिए BHEL के साथ की साझेदारी, 6.6 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट का होगा उत्पादन, State-owned CIL firms up coal gasification joint venture plan with Bhel

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कोयले से गैस बनाने की योजना को मूर्त रूप दे दिया है। यह दशकों से मंत्रालयों के बीच खींचतान का विषय रहा है। सीआईएल ने बीएचईएल के साथ साझेदारी में एक नई कंपनी भारत कोल गैसीफिकेशन ऐंड केमिकल्स (बीसीजीसीएल) की स्थापना की है। इसका मकसद कोल इंडिया की कोयला खदानों से 6.60 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करना है।

अधिकारियों के अनुसार इसे पूरी परियोजना की लागत करीब 11,782 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीएफआर) तैयार करने के लिए 1,350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। कोल इंडिया और बीएचईएल ने मई 2024 में संयुक्त उपक्रम बीसीजीसीएल स्थापित किया था। इसमें सीआईएल की 51 फीसदी और बीएचईएल की 49 फीसदी हिस्सेदारी है।

सीआईएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक पीएम प्रसाद ने हाल में इस अखबार से हुई बातचीत में जानकारी दी थी कि इस संयुक्त उपक्रम (जेवी) का उद्देश्य कोयले का गैसीकरण कर मध्यवर्ती उत्पादों के रूप में सिन-गैस, अमोनिया और नाइट्रिक एसिड का उत्पादन और अंतिम उत्पाद के रूप में अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करना है। कुछ उत्पादों का उपयोग सीआईएल के खनन और उत्पादन में किया जा सकता है। अन्य उत्पाद खुले बाजार में बेचे जाने हैं।

प्रसाद ने बताया, ‘अमोनियम नाइट्रेट बड़े पैमाने पर विस्फोट करने का प्रमुख अवयव है। इसका उपयोग सीआईएल अपनी खुली खदानों में व्यापक रूप से करता है। प्रस्तावित संयंत्र ओडिशा के लखनपुर क्षेत्र के महानदी कोलफील्ड्स (एमसीएल) लिमिटेड में स्थापित किया जाएगा और यह रोजाना 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट व सालाना 6.6 लाख टन उत्पादन करेगा। इसके लिए करीब 13 लाख टन कोयले की जरूरत होगी और सीआईएल को इसकी आपूर्ति एमसीएल से होगी।’

एमसीएल की वसुंधरा कोयले की खदान इस परियोजना के लिए चिह्नित की गई खदानों में है। ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर क्षेत्र में एमसीएल की करीब 350 एकड़ जमीन इस परियोजना के लिए चिह्नित की गई है। बीएचईएल कोयले के गैसीकरण की निविदा हासिल कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के चार चरण होंगे। एयर सेपरेशन यूनिट (एएसयू), ऐश हैंडलिंग प्लांट (एएचपी), स्टीम जेनरेशन प्लांट (एसजीपी), कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) और नॉमिनेशन आधार पर कूलिंग टॉवर होंगे।

इसके अलावा बीसीजीसीएल ने ‘कोयले से अमोनियम नाइट्रेट’ परियोजना के लिए दूसरी निविदा जारी की है। यह निविदा ‘लंपसम टर्नकी’ (एलएसटीके) आधार पर पूरी की जानी है। एलएसटीके -2 और एलएसटीके-3 के पैकेज में मूल रूप से प्राप्त गैस का शुद्धीकरण कर कार्बन मोनोऑक्साइड, अमोनिया के अवयव और तरलीकृत नाइट्रोजन का भंडारण किया जाएगा। एलसीटीके-4 के पैकेज में नाइट्रिक एसिड और अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कोल इंडिया गेल के साथ एक और संयुक्त उपक्रम स्थापित करेगा। यह उपक्रम पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के सोनपुर बजरिया जिले के ईस्टर्न कोलफील्ड्स (ईसीएल) में स्थापित होगा। प्रसाद ने बताया, ‘विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया जारी है। हम सेल के साथ भी संयुक्त उपक्रम की संभावनाएं तलाश रहे हैं।’

Advertisement
First Published - July 10, 2024 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement