सरकार दिसंबर से जनवरी में पांच से छह सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) के निजीकरण के लिए वित्तीय बोली आमंत्रित करेगी और चालू वित्त वर्ष में तीन सौदों को पूरा करेगी। यह जानकारी निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) सचिव तुहिन कांत पांडे ने दी है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से आयोजित वैश्विक आर्थिक नीति सम्मेलन में पांडे ने कहा कि 19 वर्षों के बाद पांच से छह पीयएसू का निजीकरण इसी वर्ष पूरा होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार जिन पीएसयू के निजीकरण पर विचार कर रही है उनमें बीईएमएल, भारतीय नौवहन निगम (एससीआई), पवन हंस, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स, नीलाचल इस्पात निगम शामिल हैं। पांडे ने कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का निजीकरण सम्यक तत्परता के चरण में है। पता चला है कि तीन बोलीदाताओं ने इस तेल विपणन कंपनी के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है।
पांडे ने कहा ‘ये कुछ सौदे हैं जिनमें हमें लगता है कि दिसंबर से जनवरी तक वित्तीय बोली पूरी हो जाएगी और वास्तव में हम इसी वर्ष इनका निजीकरण कर सकते हैं।’
उन्होंने कहा कि जहां चीजों को तेजी से पूरा करने के लिए आधिकारिक और मंत्रालयी स्तर पर परामर्श की प्रक्रिया है वहीं कैबिनेट सचिव ने भी प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाने के लिए बैठक की है।
पांडे ने कहा कि सरकार जनवरी से मार्च के बीच भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आईपीओ बाजार के लिए बड़ा कार्यक्रम होगा।