प्राथमिक बाजार में सुधार लाना सेबी के चेयरमैन चंद्रशेखर भास्कर भावे की वरीयता सूची में पहले स्थान पर है। हाल ही में उन्होंने सेबी के चेयरमैन पद पर 6 महीने पूरे किए हैं।
चंद्रशेखर भास्कर भावे से राजेश भयानी ने आईपीओ में सुधार, दलालों के लिए आत्म नियंत्रण, मुद्रा का भविष्य जैसे मुद्दों पर सेबी की योजना के बारे में बात की। मुख्य अंश :
माना जा रहा था कि सेबी पी नोट्स (पार्टिसिपेटरी नोट्स) के नियमों में कुछ बदलाव लाएगी। अभी क्या स्थिति है?
निदेशक मंडल ने स्थिति पर पुनर्विचार किया था पर कोई फैसला नहीं लिया था।
कई बार शिकायत होती रही है कि एफआईआई अपने स्टॉक्स विदेशी कंपनियों को बेचती हैं। इस बारे में आपका क्या कहना है?
इस बारे में हमें कई बार पता चला है कि एफआईआई अपने स्टॉक्स विदेशी बाजारों में बेचती है। इस मामले में खरीदार और बेचने वाला दोनों ही भारतीय कानून के तहत नहीं आते हैं। हम इस तरह के मामलों पर नजर रखकर भारतीय बाजार पर उनके असर और कुछ नियामकों की जरूरत के बारे में सोच रहे हैं। इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि भारतीय बाजार ने ही शॉर्ट-सेलिंग को अपनाने की सिफारिश की थी।
स्टॉक देने और लेने को भारतीय बाजार में उतना पसंद नहीं किया गया। क्या आपको नहीं लगता कि इन्हें बदल देना चाहिए?
हमारे पास जो सिफारिशें आई हैं उनके बाद हमने स्टॉक एक्सचेंजों से इस बारे में अपनी राय देने के बारे में कहा है। उनकी राय मिलने के बाद ही हम कुछ तय करेंगे।
आईपीओ में सुधार लाना आपकी प्राथमिकताओं में से एक हैं। इस बारे में आप क्या कर रहे हैं?
सेबी किसी भी इश्यू के बंद होने में और उस कंपनी के सूचीबद्ध होने में लगने वाले समय को घटाना चाहती है। हम ऐसा कर रुपयों की वापसी से जुड़ी चिंताएं और आईपीओ में हो रही कालाबाजारी को रोकना चाहते हैं। हमने इस तरफ कदम भी बढ़ा दिए हैं। हमने प्रस्ताव रखा है कि आवेदन के साथ जमा किया गया पैसा शेयरों को आवंटन के बाद ही काटा जाए। कुछ बैंक अपने नए सॉफ्टवेयर की मदद से स्टॉक एक्सचेंजों और रजिस्ट्रार के साथ मिलकर आंतरिक स्तर पर ही इसका परीक्षण कर रहे हैं।
चार पांच बैंकों से इस प्रक्रिया को मंजूरी मिल जाती है वैसे ही हम इसे लागू कर देंगे। पहले हम इसे परीक्षण के तौर पर शुरू करेंगे लेकिन इसके साथ ही पुराने तरीके से पैसे दे सकते हैं। इसे जरूरी बनाने में काफी वक्त लगेगा। इश्यू जारी करने वाले को अपने प्रॉस्पेक्टस पर इस बारे में जानकारी देनी होगी।