क्षमता वृद्घि और मौजूदा नेटवर्कों को मजबूत बनाना भारती एयरटेल की मुख्य रणनीति होगी। कंपनी स्पेक्ट्रम की आगामी नीलामी में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी (भारत एवं दक्षिण एशिया) गोपाल वि_ल ने आय परिणाम के बाद कहा, ‘हम आगामी नीलामियों में सब-गीगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की संपूर्ण उपलब्धता चाहेंगे और क्षमता वृद्घि तथा लाइसेंसों के नवीकरण पर ध्यान देंगे।’
स्पेक्ट्रम नीलामी मार्च 2021 में होनी है और सरकार को 2,251 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की पेशकश के जरिये 3.92 लाख करोड़ रुपये हासिल होने की उम्मीद है। पिछली स्पेक्ट्रम नीलामी अक्टूबर 2016 में आयोजित की गई और उससे सरकार ने 65,789 करोड़ रुपये की कमाई की थी। 5जी स्पेक्ट्रम को आगामी पेशकश से अलग रखा गया है। 1800 मेगाहट्र्ज बैंड में अपने मौजूदा स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल कर भारती एयरटेल ने हाल में हैदराबाद में एक वाणिज्यिक नेटवर्क पर लाइव 5जी सेवा को प्रदर्शित किया।
कंपनी ने कहा है कि 5जी अनुभव का पूरा फायदा एयरटेल ग्राहकों के लिए तब मिलेगा जब पर्याप्त रूप से स्पेक्ट्रम उपलब्ध हो और सरकारी प्रस्ताव प्राप्त हों।
वि_ल ने कहा, ‘5जी के लिए इकोसिस्टम अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसमें सुधार आ रहा है, क्योंकि 5जी आधारित उपकरणों ने दिसंबर की शिपमेंट में 4-5 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि सितंबर में यह शून्य था।’ उन्होंने कहा कि अगले 12 महीनों में 5जी के लिए कई और शिपमेंट दर्ज की जाएंगी।
भारती एयरटेल ने 6 तिमाहियों के बाद दिसंबर 2020 की तिमाही में 854 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ दर्ज किया। दिसंबर तिमाही में कंपनी को अपने उपयोगकर्ता आधार में शानदार वृद्घि से मदद मिली। कंपनी का कुल राजस्व 26,518 करोड़ रुपये पर रहा, जो पिछले साल से 24.2 प्रतिशत तक ज्यादा है। कंपनी का राजस्व एक साल पहले 21,344 करोड़ रुपये था। मजबूत ग्राहक वृद्घि और बढ़ती डेटा खपत से कंपनी को राजस्व बढ़ाने में मदद मिली है। प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) एक साल पहले के 135 रुपये से बढ़कर 166 रुपये पर पहुंच गया।