सोमवार से देश में किशोरों को कोविड-19 महामारी से बचाव के टीके लगने की शुरुआत होने के बीच भारत बायोटेक निजी अस्पतालों में इस्तेमाल नहीं हुए अपने टीके कोवैक्सीन की खुराक मंगा रही है। कंपनी इनके इस्तेमाल की मियाद (एक्सपायरी डेट) में बदलाव (री-लेबलिंग) करने के लिए यह कदम उठा रही है। इस समय देश में किशोरों के लिए केवल कोवैक्सीन ही एक मात्र टीका उपलब्ध है। कंपनी ने कहा कि दिसंबर में देश के दवा नियामक ने कोवैक्सीन की एक्पायरी डेट बढ़ाकर 12 महीने तक करने की अनुमति दी थी।
केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से आदेश मिलने के बाद कंपनी ने एक्सपायरी डेट 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने तक करने के लिए बचे हुए टीके वापस मंगाने शुरू कर दिए थे। इस बारे में कंपनी के एक सूत्र ने कहा, ‘एक्पायरी डेट बढ़ाकर 12 महीने तक करने की अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने अपने खर्च पर निजी अस्पतालों में बचे टीके मंगाने शुरू कर दिए हैं। टीके पर एक्पायरी डेट बढ़ाने से पहले कंपनी जरूरी जांच एवं निरीक्षण करेगी।’
सूत्र ने कहा कि जिन अस्पतालों ने कोवैक्सीन के लिए नए ऑर्डर दिए थे उन्हें नई खेप मिलनी भी शुरू हो गई है। कोविड-19 टीके की एक्पायरी डेट समय-समय बढ़ाई गई है। भंडारण संबंधी अधिक से अधिक आंकड़े सामने आने के बाद टीका बनाने वाली कंपनियां उन्हें भारतीय दवा महानियंत्रक को भेज रही थीं। भारत बायोटेक ने दिसंबर में कहा था, ‘एक्पायरी डेट बढ़ाने की अनुमति अतिरिक्त आंकड़ों एवं सूचनाओं पर आधारित होती है। ये आंकड़े सीडीएससीओ को सौंपे गए थे। एक्पायरी डेट बढऩे के बाद अस्पताल उन टीकों की खेप का इस्तेमाल कर सकते हैं जिनकी अवधि पूरी होने वाली थी। इससे अब टीके बेकार नहीं होंगे।’
सीडीएससीओ ने यह भी पाया था कि कोवैक्सीन की शीशी एक बार खुलने के बाद 28 दिनों तक 2-8 डिग्री तापमान पर रखी जा सकती है और उसे एक दिन में या टीकाकरण सत्र समाप्त होने के बाद फेंकने की जरूरत नहीं होती है। इस बीच, ऐसी खबरें आई थीं कि उन टीकों का भी इस्तेमाल हो रहा है जिनकी एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी है। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्टï किया कि ऐसी खबरें ‘गलत एवं भ्रामक’ हैं। सोमवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा, ‘समाचार माध्यमों में ऐसी खबरें आ रही थीं कि बेकार हो चुकीं खुराक का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।’ मंत्रालय ने कहा कि सीडीएससीओ ने भारत बायोटके से पत्र मिलने के बाद कोवैक्सीन की एक्सपायरी डेटर 9 महीनें से बढ़ाकर 12 महीने कर दी थी। बयान में कहा गया, ‘कोविशील्ड की एक्सपायरी डेट भी 22 फरवरी 2021 को 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने कर दी गई थी।’
मंत्रालय ने कहा, ‘टीकों की एक्सपायरी डेट राष्टï्रीय दवा नियामक व्यापक विश्लेषण और तथ्यों की जांच के आधार पर बढ़ाता है। ये आंक ड़े एवं तथ्य टीका बनाने वाली कपनियां उपलब्ध कराती हैं।’ कुछ अस्पतालों ने एक्पायरी डेट में बदलाव के लिए टीके नहीं भेजे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर वे बची खेप का इस्तेमाल कर लेंगे। बेंगलूरु स्थित एक अस्पताल ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि टीके की एक्पायरी डेट पूरी होने तक इनका इस्तेमला कर लेंगे। इस अस्पताल ने नई खेप मंगाने के आदेश भी दे दिए हैं।