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होंडा के दोपहियों पर बैंक हुए मेहरबान

Last Updated- December 07, 2022 | 5:00 PM IST

दोपहिया वाहनों के लिए लोन देने वाले बैंक और वित्तीय संस्थाएं होंडा मोटरसाइकिल ऐंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) के दोपहिया वाहनों के लिए आसानी से लोन मुहैया करा रहे हैं। 


वहीं दूसरी और बाकी ब्रांडों के स्कूटर और बाइकों के लिए लोन देने में कम दिलचस्पी ले रहे हैं। एचएमएसआई के दोपहिया वाहनों के लिए जहां बैंक कुल कीमत का लगभग 75-78 फीसदी और कई मामलों में 85 फीसदी तक भी हो सकता है। जबकि हीरो होंडा और बजाज ऑटो के वाहनों की खरीद के लिए कुल कीमत का 65-68 फीसदी ही लोन मिल पाता है।

इसके अलावा जहां एचएमएसआई के वाहनों के लिए लोन पास करने में 1-2 दिन का ही वक्त लगता है वहीं बाकी कंपनियों के लिए यह अवधि 4-5 दिन के बीच है। ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए लोन देने वाली एक कंपनी के अधिकारी ने कहा, ‘होंडा के ग्राहकों की लोन वापस करने की दर पूरे उद्योग के मुकाबले काफी अच्छी है।

होंडा के ग्राहकों का पोर्टफोलियों बाकी कंपनी के ग्राहकों से बेहतर होता है। इसके अलावा एचएमएसाई के ब्रांडों की रीसेल कीमत भी ज्यादा है।’ अच्छी रीसेल कीमत मिलने का मतलब है अगर लोन का पैसा बैंक को वापस नहीं भी मिले तो बैंक उसे बेचकर अपना लोन वसूल कर सकता है।

हालांकि उद्योग के कार्यकारियों का कहना है कि बैंक लोन देते समय मॉडल को लेकर तो ऐसा करते हैं लेकिन किसी एक कंपनी के साथ ऐसा पक्षपात नहीं करते हैं। बजाज ऑटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (दोपहिया वाहन) श्रीधर ने बताया, ‘कुछ बैंक मोटरसाइकिलों के लिए लोन देने में जोखिम समझते हैं। जबकि स्कूटरों के लिए लोन देना उन्हें ज्यादा आसान लगता है।

क्योंकि स्कूटर ज्यादातर महिलाओं के लिए खरीदे जाते हैं और इन्हें खरीदने वालों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती है। हमने ब्रांड को लेकर कभी भी किसी भी बैंक को ऐसा करते नहीं देखा है। बजाजा ऑटो की बाइक खरीदने वाले ग्राहकों का पोर्टफोलियो भी अच्छा होता है।’ दोपहिया वाहन उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार होंडा के ग्राहकों का डिफॉल्ट रेट 1-1.5 फीसदी है जबकि पूरे उद्योग का 3-4 फीसदी है।

एक विश्लेषक ने कहा, ‘ब्रांडों में होने वाले ऐसे पक्षपात से दोपहिया वाहन उद्योग की हालत और ज्यादा खराब होने के आसार हैं।  यह उद्योग पहले ही वित्त की कमी और बढ़ती ब्याज दरों के कारण दबाव में है।’ फाइनैंस कंपनियों के हाथ पीछे खींच लेने के कारण बजाज ऑटो और हीरो होंडा को गैर -बैंकिंग वित्तीय संस्थानों पर निर्भर होना पड़ रहा है। बजाज ऑटो भी फाइनैंस के लिए बजाज ऑटो फाइनैंस लिमिटेड और हीरो होंडा फुलर्टन इंडिया के साथ करार कर चुकी है।

First Published - August 13, 2008 | 11:19 PM IST

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