बैजूज जुटाएगी 2,200 करोड़ रुपये

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:32 AM IST

बैजूज नए निवेश के एक बड़े चरण के रूप में करीब 2,200 करोड़ रुपये (30 करोड़ डॉलर) जुटाने जा रही है। यह धनराशि ऐसे समय जुटाई जा रही है, जब यह दुनिया की सबसे मूल्यवान शिक्षा तकनीक डेकाकॉर्न वैश्विक बाजार में अपने कारोबार को फैलाने और तेजी से विलय एवं अधिग्रहण की संभावनाएं तलाशने पर ध्यान दे रही है।
उद्योग के सूत्रों के मुताबिक नए निवेश से बैजूज का मूल्यांकन 18 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है, जो इस साल जून में 16.5 अरब डॉलर की तुलना में अधिक है। जून में बैजूज 16.5 अरब डॉलर मूल्य के साथ देश की सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न स्टार्टअप बनी थी और इसने 16 अरब डॉलर मूल्यांकन वाली फिनटेक कंपनी पेटीएम को पीछे छोड़ा था। बिज़नेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर द्वारा जुटाए गए नियामकीय दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी ने निवेशकों को प्रत्येक 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 77,174 सीरीज एफ अनिवार्य परिवर्तनशील संचयी तरजीही शेयरों के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। धन जुटाने के इस चरण का प्रस्ताव 27 सितंबर 2021 को पारित हुआ था।
यह प्राइवेट प्लेसमेंट के तहत 2,200 करोड़ रुपये जुटा रही है, जो ऑक्सशॉट वेंचर फंड, एडलवाइस प्राइवेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, वैरिशन मल्टी स्ट्रेटजी मास्टर फंड, आईआईएफएल प्राइवेट इक्विटी फंड, एक्सएन एक्सपोनेंट होल्डिंग्स और मार्केटएक्स वेंचर्स से जुटाई जाएगी। इस 2,200 करोड़ रुपये की राशि में करीब 1,200 करोड़ रुपये ऑक्सशॉट वेंचर फंड से आएगी।
कंपनी ने दस्तावेज में कहा, ‘कंपनी ऐसे शेयरोंं के लिए आवेदन राशि मिलने की तारीख से 30 दिन के भीतर शेयर आवंटित कर देगी।’ इसने कहा, ‘कंपनी को कार्यशील पूंजी और कारोबारी विस्तार योजनाओं के लिए धन की जरूरत है।’ महामारी से ऑनलाइन शिक्षा की मांग बढ़ी है, इसलिए बैजूज भारत और दुनिया भर में लगातार अधिग्रहण कर रही है। स्कूल और कार्यालय बंद हैं, इसलिए छात्र और पेशेवर अपना कौशल बढ़ाना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह स्टार्टअप इस साल भारत और अमेरिका में करीब 8 कंपनियों का अधिग्रहण कर चुकी है। इसने इन अधिग्रहणों पर पिछले छह महीने के दौरान 2 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किए हैं। विलय एवं अधिग्रहण के जरिये बेंगलूरु स्थित बैजूज को शिक्षा तकनीक बाजार में दबदबा कायम करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने पिछले महीने अमेरिका की टिंकर का करीब 20 करोड़ डॉलर में अधिग्रहण किया था। टिंकर अग्रणी के-12 क्रिएटिव कोडिंग प्लेटफॉर्म है। इस अधिग्रहण से बैजूज की अमेरिकी बाजार में पैठ बढ़ेगी।

First Published : October 4, 2021 | 11:24 PM IST