facebookmetapixel
दिसंबर में रूस से तेल खरीदने में भारत तीसरे स्थान पर खिसका, रिलायंस ने की भारी कटौतीNPS में तय पेंशन की तैयारी: PFRDA ने बनाई हाई-लेवल कमेटी, रिटायरमेंट इनकम होगी सुरक्षितहर 5वां रुपया SIP से! म्युचुअल फंड्स के AUM में रिटेल निवेशकों का दबदबा, 9.79 करोड़ हुए अकाउंटBudget 2026 से पहले अच्छा मूवमेंट दिखा सकते हैं ये डिफेंस स्टॉक्स, एनालिस्ट ने कहा- BEL, HAL समेत इन शेयरों पर रखें नजरBSE ने लॉन्च किए 4 नए मिडकैप फैक्टर इंडेक्स, निवेशकों को मिलेंगे नए मौकेगिग वर्कर्स की जीत! 10 मिनट डिलीवरी मॉडल खत्म करने पर सहमत कंपनियां10 साल में कैसे SIP आपको बना सकती है करोड़पति? कैलकुलेशन से आसानी से समझेंबीमा सेक्टर में तेजी, HDFC लाइफ और SBI लाइफ बने नुवामा के टॉप पिक, जानिए टारगेट2026 में मिल सकती है बड़ी राहत, RBI 0.50% तक घटा सकता है ब्याज दरें: ब्रोकरेजBHIM ऐप से PF निकालना होगा सुपरफास्ट, EPFO ला रहा है नई सुविधा

उत्तम गैल्वा को खरीदेगी आर्सेलरमित्तल

Last Updated- December 11, 2022 | 6:50 PM IST

इस्पात बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी आर्सेलरमित्तल भारत में एक अन्य दिवालिया कंपनी- उत्तम गैल्वा स्टील्स को खरीदने के लिए तैयार है। इसके लिए आर्सेलरमित्तल ने उत्तम गैल्वा स्टील्स के लेनदारों को एक समाधान योजना सौंपी है। इसके साथ ही आर्सेलरमित्तल भारत में डिफॉल्ट के बाद ऋण समाधान के लिए दिवालिया अदालत भेजी गई एक अन्य कंपनी का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है।
इस मामले के करीबी एक बैंकर ने कहा, ‘आर्सेलरमित्तल के साथ हमारा अनुभव अब तक अच्छा रहा है और जहां उसने बोली लगाई थी वहां हमें सबसे अधिक वसूली हुई। एस्सार स्टील का अधिग्रहण समाधान सर्वाधिक रहा जहां आर्सेलरमित्तल ने 49,000 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट पर 42,000 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।’ उत्तम गैल्वा का सबसे बड़ा लेनदार आर्सेलरमित्तल इंडिया और आर्सेलरमित्तल लक्जमबर्ग थी जिसका कुल ऋण में 75 फीसदी हिस्सेदारी थी। साल 2018 में एस्सार स्टील के अधिग्रहण से ठीक पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से उसने 4,992 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।  सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आर्सेलरमित्तल को एस्सार स्टील के अधिग्रहण की पात्रता हासिल करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक से लिए गए उत्तम गैल्वा के ऋण का अधिग्रहण करना आवश्यक था क्योंकि उत्तम गैल्वा में उसकी हिस्सेदारी थी और वह बैंक की अदायगी में चूक कर चुकी थी। आईबीसी के प्रावधानों के अनुसार, किसी डिफॉल्टर को दिवालिया कंपनियों के लिए बोली लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।
आर्सेलरमित्तल ने 2,358 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत ओडिशा स्लरी पाइपलाइन का भी अधिग्रहण किया है जो 253 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन का परिचालन करती है। नैशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल ने इस साल के आरंभ में इस दौरे को मंजूरी दी है। साल 2021 में आर्सेलरमित्तल ने 450 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत एस्सार स्टील ओडिशा का भी अधिग्रहण किया था जो एस्सार स्टील की एक निजी बिजली परियोजना थी। यह सौदा भारतीय स्टेट बैंक और एडलवाइस के साथ हुआ था। साल 2020 में आर्सेलरमित्तल और उसके साझेदार निप्पॉन स्टील ने गुजरात के हजीरा में गैस आधारित 500 मेगावॉट के ताप विद्युत संयंत्र का अधिग्रहण किया था। ब्लूमबर्ग के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले एस्सार स्टील ने एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) से खरीदा था।
बैंकर ने कहा, ‘हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि भविष्य में कंपनी को यदि कोई संभावना दिखती है तो वह ऋण समाधान में भाग नहीं लेगी।’
आर्सेलरमित्तल के प्रवक्ता ने उत्तम गैल्वा संबंधी लेनदेन पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
महाराष्ट्र में उत्तम गैल्वा का संयंत्र श्रमिकों की हड़ताल के बाद लंबे समय से बंद है। पिछले साल दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान उत्तम गैल्वा स्टील्स ने 216 करोड़ रुपये के राजस्व पर 56 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था।

First Published - May 21, 2022 | 12:46 AM IST

संबंधित पोस्ट