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देशभर में उड़ानों में आ रही देरी और रद्द होने की वजह से यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कई ‘प्रोएक्टिव’ कदमों का ऐलान किया है। दोनों एयरलाइनों ने कहा है कि इन उपायों का उद्देश्य फंसे हुए यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करना है।
एयरलाइन की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि 4 दिसंबर से घरेलू नॉन-स्टॉप उड़ानों में इकोनॉमी क्लास के किराए सीमित कर दिए गए हैं, ताकि बाधाओं के दौरान किराए अचानक न बढ़ें। दोनों कंपनियां 6 दिसंबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए किराया निर्देशों का भी पालन कर रही हैं।
यात्रियों को ज्यादा सुविधा देने के लिए टिकट बदलने और रद्द करने पर एक बार की विशेष छूट भी दी गई है। जिन यात्रियों ने 4 दिसंबर तक टिकट बुक की है और जिनकी यात्रा 15 दिसंबर तक तय है, वे बिना किसी शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं या फिर बिना कैंसलेशन फीस दिए टिकट रद्द कराकर पूरा पैसा वापस ले सकते हैं। यह छूट 8 दिसंबर तक किए गए बदलावों या रद्दीकरण पर लागू होगी। हालांकि नई तारीख चुनने पर किराए का अंतर लागू होगा।
उड़ानों में चल रहे व्यवधान के बीच यात्रियों की समस्या जल्दी सुनी जा सके, इसके लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 24×7 कॉल सेंटर पर अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया है। यात्री टिकट बदलने या रद्द करने के लिए कॉल सेंटर, ट्रैवल एजेंट या एयरलाइन की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के साथ-साथ व्हाट्सऐप चैटबोट “Tia” के जरिये भी संपर्क कर सकते हैं।
एयरलाइनों ने यह भी बताया कि वे अपने नेटवर्क पर सीटों की उपलब्धता बढ़ा रही हैं। जहाँ संभव होगा, इकोनॉमी क्लास के योग्य यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऊपरी केबिन में अपग्रेड भी दिया जाएगा, ताकि हर सीट का उपयोग कर फंसे यात्रियों को समायोजित किया जा सके। प्रमुख रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें भी चलाई जा रही हैं, ताकि यात्री और उनका सामान जल्दी अपने गंतव्य तक पहुँच सके।
इसके अलावा, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, सेना के कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए विशेष रियायती किराये और लाभ भी उपलब्ध करा रही हैं।
एयरलाइनों ने कहा कि मौजूदा स्थिति में इन कदमों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधा और राहत देना है।
देश की नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA ने शनिवार को IndiGo के सीईओ Pieter Elbers को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। नियामक ने एयरलाइन से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। DGCA ने कहा कि कंपनी समय पर भरोसेमंद उड़ान संचालन सुनिश्चित करने में असफल रही है।
IndiGo ने पिछले एक हफ्ते में हजारों उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे देशभर में यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उड़ानें रद्द होने के बाद अन्य एयरलाइनों के किराए में भी तेज़ बढ़ोतरी हुई, जिससे सरकार को दखल देना पड़ा।
एयरलाइन का कहना है कि नए नियमों के कारण पायलटों के काम के घंटे सीमित हो गए हैं। इसी वजह से वे समय पर सही योजना नहीं बना पाए और दिसंबर के पीक सीजन में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।