अकासा एयर ने अब पायलटों की भर्ती बंद कर दी है क्योंकि उसके पास 24 विमानों के अपने मौजूदा बेड़े का परिचालन करने और अपनी भावी वृद्धि की पूर्ति के लिए पर्याप्त ताकत है। विमानन कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी विनय दुबे ने आज यह जानकारी दी।
पिछले साल सितंबर में अकासा एयर को तकरीबन 24 दैनिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थी क्योंकि लगभग 43 पायलटों ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। विमानन कंपनी इतनी परेशान थी कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा कि वह ‘संकट की स्थिति’ में है और यह ‘बंद हो सकती’ है। हालांकि बाद में विमानन कंपनी ने स्पष्ट किया कि बंद होने का कोई सवाल ही नहीं है।
कापा इंडिया एविएशन समिट 2024 को संबोधित करते हुए दुबे ने कहा ‘हमने पायलटों की भर्ती बंद कर दी है। हमारे पास अपने मौजूदा बेड़े के लिए काफी पायलट हैं। हमारे पास अपने विकास के लिए काफी पायलट हैं। हम उनके प्रतिभा निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में 3,000 से 5,000 तक युवा पायलट बेरोजगार हैं, इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण मसला विमानन कंपनी में पायलट शामिल करने की सही दर है।
उन्होंने कहा ‘हमें अधिक प्रतिभा संपन्न पायलटों के लिए परिपक्व अवधि की जरूरत है (ताकि उनके पास विकास और पदोन्नति के लिए पर्याप्त अवसर हों)। हम इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’ भारत में कुशल श्रम संसाधनों के संबंध में कोई दिक्कत नहीं है।