facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय पुलिस ने किया 5 लाख से ज्यादा फर्जी जीमेल अकाउंट के नेटवर्क का पर्दाफाश, अब गूगल से करेगी पूछताछ‘देश को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’, जेन जी और जेन अल्फा से बोलीं सीतारमण, कहा: नेतृत्व संभालने को रहें तैयारRBI की डॉलर-रुपया स्वैप से मिली बड़ी राहत, अब टिकाऊ और बिना कर्ज वाली विदेशी पूंजी पर जोर जरूरीवैश्विक व्यापार नीतियों में बढ़े विरोधाभास, अमेरिका-चीन से भारत तक दोहरे मानदंडों ने बढ़ाई चिंताEditorial: UPI को टिकाऊ बनाने की नई कोशिश, ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर चार्ज लागूकच्चे तेल की तेजी और अमेरिकी यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार धड़ाम, निफ्टी 279 अंक और सेंसेक्स 778 अंक टूटाटाटा संस की लिस्टिंग से पहले RBI ने उठाया बड़ा कदम, संभावित कानूनी चुनौती को लेकर बॉम्बे HC में कैविएट दायरMeta साझा करेगी बाल यौन शोषण से जुड़े खातों की जानकारी, भारत में ऐसा करने वाली पहली सोशल मीडिया कंपनीफ्लिपकार्ट ने त्योहारी मांग के लिए खोले 2.5 लाख रोजगार के मौके, 60% नौकरियां डिलिवरी मेंPhonePe की अगले दशक की योजना, भुगतान से निवेश और कर्ज तक बढ़ेगा कारोबार

Go First के आरपी से मांगा हलफनामा

Advertisement

Go First के विमानों का रखरखाव नहीं हुआ

Last Updated- December 05, 2023 | 9:33 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

ठप पड़ी विमानन कंपनी गो फर्स्ट के एक पट्टादाता ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष सवाल किया कि क्या यह विमानन कंपनी जान और अंगों को जोखिम में डाले बिना परीक्षण उड़ान भरने में भी सक्षम है? अदालत ने गो फर्स्ट के समाधान पेशेवर (आरपी) को विमान पट्टेदाता की अवमानना याचिका पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

विमान पट्टादाता डीएई (एसवाई22) 13 आयरलैंड डेजिग्नेटेड एक्टिविटी कंपनी ने यह कहते हुए अवमानना याचिका दायर की है कि समाधान पेशेवर ने उन्हें अपने ही विमान के रिकॉर्ड/दस्तावेजों तक पहुंच देने से इनकार किया और इस तरह 12 अक्टूबर के फैसले का उल्लंघन किया है।

पट्टादाता ने कहा कि समाधान पेशेवर को जानबूझकर अदालत के आदेशों का पालन करने से मना कर दिया गया है। समाधान पेशेवर को 10 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है और अदालत ने कहा कि विमान और अन्य हिस्सों के रखरखाव के निर्देश संबंधी उसके आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। अवमानना मामले की सुनवाई अब 12 दिसंबर को होगी।

पट्टादाता के वकील ने कहा ‘ये (विमान) लाखों डॉलर की संपत्ति हैं। मेरे प्रबुद्ध मित्र (समाधान पेशेवर) का कहना है कि हम विमान उड़ाने के लिए तैयार हैं। आदेश के तहत वे कुछ नहीं कर रहे हैं। 19 मई के बाद कोई रखरखाव नहीं हुआ है।

ये अदालत के आदेश हैं, जिनका अवश्य ही सम्मान किया जाना चाहिए। सुनवाई जितनी लंबी चलेगी, समाधान पेशेवर की विमान रखरखाव की जिम्मेदारी उतनी ही अधिक होगी।’ न्यायमूर्ति तारा वितास्ता गंजू ने कहा कि इस मामले में मुख्य संपत्ति विमान हैं और अगर उनका सही से रखरखाव नहीं होता है तो इससे हरेक को परेशानी होगी।

Advertisement
First Published - December 5, 2023 | 9:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement