facebookmetapixel
Advertisement
इंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजीज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार सख्त, अब बिना डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के नहीं मिलेगी दवाईसस्ती होंगी जगुआर लैंड रोवर जैसी लक्जरी गाड़ियां, ब्रिटेन से आने वाली कारों पर सिर्फ 10% लगेगा आयात शुल्कगिरते बाजार के जोखिम के बीच लार्जकैप फंड्स पड़े सुस्त, मिड और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन रहा शानदार!एक्साइड इंडस्ट्रीज को बेंगलुरु प्लांट से Q3 में राजस्व की उम्मीद, इस प्रोजेक्ट पर ₹4,802 करोड़ खर्च कर चुकी है कंपनी

दाल बाजार में छाई मंदी, व्यापारी हुए परेशान

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 11:02 PM IST

दाल का बाजार इन दिनों मंदा है। थोक व्यापारियों के मुताबिक सरकारी दबाव के कारण दाल की बिक्री घाटे के साथ करनी पड़ रही है।


स्टॉक को निकालने के कारण दाल की कीमत में इन दिनों 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गयी है। बिकवाली के लिए दबाव के कारण अनाज व्यापारियों ने दिल्ली का अनाज स्टॉक खत्म कर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।


उनका आरोप है कि सरकार उन्हें कम कीमत पर अनाज बेचने को मजबूर कर रही है। इन कारोबारियों ने अपनी परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भी मुलाकात की है। सरकारी छापे के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को शाम अनाज कारोबारियों की बैठक भी होने वाली है। उधर सरकार का कहना है कि छापे की कार्रवाई कीमत पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।


दिल्ली के ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के प्रधान ओम प्रकाश जैन ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1.25 लाख क्विंटल अनाज की खपत है। लेकिन सरकार इस खपत की सिर्फ 4 फीसदी की पूर्ति करती है। ऐसे में दिल्ली के कारोबारी मांग के हिसाब से अपने स्टॉक को रखते हैं। लेकिन सरकार इन दिनों विभिन्न जगहों पर छापे की कार्रवाई कर रही है।


सरकारी छापे के कारण दाल के व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। चना दाल की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 2875-3100 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर है। मूंग छिलका व मूंग धोया में प्रति क्विंटल 200 रुपये तक की गिरावट आ गयी है। मूंग छिलका दाल मंगलवार को प्रति क्विंटल 2600-2875 रुपये की दर से बिक रही थी वहीं मूंग धोया 2900-3425 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर है।


उड़द दाल भी गिरावट के साथ 2875-3325 रुपये प्रति क्विंटल पर नजर आ रही है।ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के मुताबिक गेहूं में भी मंदी चल रही है। गेहूं की कीमत बाजार में 1080-1100 रुपये प्रति क्विंटल बतायी जा रही है। अनाज आढ़तियों का कहना है कि सरकार 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद  रही है। लेकिन थोक मंडी में इसकी बिक्री मात्र 1080 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही है।


थोक कारोबारियों के मुताबिक सिर्फ चावल का बाजार इन दिनों तेज है। उनके मुताबिक यह तेजी निर्यात सीमा में बढ़ोतरी के कारण आयी है। गैर बासमती चावल की कीमत मंगलवार को 1275-1600 रुपये प्रति क्विंटल थी तो बासमती चावल की कीमत 6450-6950 रुपये प्रति क्विंटल बतायी जा रही है।

Advertisement
First Published - April 23, 2008 | 12:12 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement