facebookmetapixel
Advertisement
IRFC OFS रहा हिट! सरकार की झोली में आए ₹2,100 करोड़, रिटेल निवेशकों ने किया मालामालNALCO, Hindalco: एल्युमिनियम शेयरों से निकलने का वक्त? रिपोर्ट में 30-40% डाउनसाइड की चेतावनीApple ने ग्राहकों को दिया बड़ा झटका! MacBook और iPad हुए महंगे, कंपनी ने बताई बड़ी वजह₹12.48 लाख करोड़ की AMC, आखिर क्यों खास है SBI Mutual Fund IPO?Apollo से Medanta तक, इन 4 Hospital Stocks में बड़ा मौका! ब्रोकरेज दिया 40% तक का टारगेटBank Holiday: मुहर्रम पर आज बैंक खुला है या बंद? घर से निकलने से पहले जरूर जान लें आपके शहर का अपडेटStock Market Closed Today: मुहर्रम के अवसर पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें अब कब-कब नहीं होगी NSE और BSE में ट्रेडिंगवैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी जीवन बीमा की मांग मजबूत रहेगी, HDFC Life चेयरमैन केकी मिस्त्री का भरोसामुंबई पोर्ट का बड़ा इंफ्रा विस्तार, ₹3,541 करोड़ की परियोजनाओं से बढ़ेगी कार्गो और पर्यटन क्षमतापश्चिम एशिया संकट से बिजली उपकरण उद्योग पर बढ़ा लागत का दबाव, एल्युमीनियम-तांबे की कीमतों में तेज उछाल

दाल बाजार में छाई मंदी, व्यापारी हुए परेशान

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 11:02 PM IST

दाल का बाजार इन दिनों मंदा है। थोक व्यापारियों के मुताबिक सरकारी दबाव के कारण दाल की बिक्री घाटे के साथ करनी पड़ रही है।


स्टॉक को निकालने के कारण दाल की कीमत में इन दिनों 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गयी है। बिकवाली के लिए दबाव के कारण अनाज व्यापारियों ने दिल्ली का अनाज स्टॉक खत्म कर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।


उनका आरोप है कि सरकार उन्हें कम कीमत पर अनाज बेचने को मजबूर कर रही है। इन कारोबारियों ने अपनी परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भी मुलाकात की है। सरकारी छापे के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को शाम अनाज कारोबारियों की बैठक भी होने वाली है। उधर सरकार का कहना है कि छापे की कार्रवाई कीमत पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।


दिल्ली के ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के प्रधान ओम प्रकाश जैन ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1.25 लाख क्विंटल अनाज की खपत है। लेकिन सरकार इस खपत की सिर्फ 4 फीसदी की पूर्ति करती है। ऐसे में दिल्ली के कारोबारी मांग के हिसाब से अपने स्टॉक को रखते हैं। लेकिन सरकार इन दिनों विभिन्न जगहों पर छापे की कार्रवाई कर रही है।


सरकारी छापे के कारण दाल के व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। चना दाल की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 2875-3100 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर है। मूंग छिलका व मूंग धोया में प्रति क्विंटल 200 रुपये तक की गिरावट आ गयी है। मूंग छिलका दाल मंगलवार को प्रति क्विंटल 2600-2875 रुपये की दर से बिक रही थी वहीं मूंग धोया 2900-3425 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर है।


उड़द दाल भी गिरावट के साथ 2875-3325 रुपये प्रति क्विंटल पर नजर आ रही है।ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के मुताबिक गेहूं में भी मंदी चल रही है। गेहूं की कीमत बाजार में 1080-1100 रुपये प्रति क्विंटल बतायी जा रही है। अनाज आढ़तियों का कहना है कि सरकार 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद  रही है। लेकिन थोक मंडी में इसकी बिक्री मात्र 1080 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही है।


थोक कारोबारियों के मुताबिक सिर्फ चावल का बाजार इन दिनों तेज है। उनके मुताबिक यह तेजी निर्यात सीमा में बढ़ोतरी के कारण आयी है। गैर बासमती चावल की कीमत मंगलवार को 1275-1600 रुपये प्रति क्विंटल थी तो बासमती चावल की कीमत 6450-6950 रुपये प्रति क्विंटल बतायी जा रही है।

Advertisement
First Published - April 23, 2008 | 12:12 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement