facebookmetapixel
Advertisement
FY26 Q4 Results: लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 15.1% बढ़ा, आय वृद्धि 12 तिमाहियों के हाई परचौथी तिमाही में सुस्त पड़ सकती है आ​र्थिक वृद्धि की रफ्तार, उच्च आवृत्ति संकेतकों में नरमीपहली बार कर्ज लेने वालों की हिस्सेदारी घटी, गोल्ड लोन बना खुदरा ऋण बाजार का नया सिताराभारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की ओर बढ़े कदम, सेक्शन 301 से टैरिफ से मिलेगी छूट!स्वास्थ्य बीमा से करेंगे परहेज तो बचत उड़ेगी, कर्ज चढ़ेगा और बिगड़ जाएगा निवेशसाकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत ढहने की घटना: मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई, FIR दर्जUP Diesel Crisis: धान की रोपाई से पहले यूपी के तराई जिलों में डीजल के लिए हाहाकार, नेपाल तस्करी ने बढ़ाई परेशानीIndia-US Trade Deal: अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 4 दिन की मैराथन बैठकUpcoming NFO: पैसा रखें तैयार! दो नई स्कीमें लॉन्च को तैयार, ₹500 से निवेश शुरूRBI MPC Meet: Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर…क्या होगा RBI का फैसला? बता रहे हैं एक्सपर्ट्स

गरीबों को 2028 तक मुफ्त में मिलता रहेगा पौष्टिक तत्वों से भरपूर चावल, मोदी कैबिनेट ने लिया फैसला

Advertisement

अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मुफ्त फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति के लिए कुल वित्तीय योजना 17,082 करोड़ रुपये की होगी।

Last Updated- October 09, 2024 | 5:16 PM IST
Govt prohibits export of non-basmati white rice, says DGFT notification

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पौष्टिक तत्वों से भरपूर चावल की मुफ्त आपूर्ति खाद्य कानून और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत 17,082 करोड़ रुपये के परिव्यय से वर्ष 2028 तक जारी रखने का बुधवार को फैसला किया। पौष्टिक तत्वों से भरपूर यानी फोर्टिफाइड चावल लोगों में खून की कमी (एनीमिया) के समाधान और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए अहम माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। चावल को पोषक तत्वों से भरपूर बनाने की प्रक्रिया में भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों (लौह, फोलिक एसिड, विटामिन बी12) से भरपूर ‘फोर्टिफाइड’ चावल कर्नेल (एफआरके) को नियमित चावल (कस्टम मिल्ड चावल) में मिलाया जाता है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, “मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत जुलाई, 2024 से दिसंबर, 2028 तक फोर्टिफाइड चावल की मुफ्त आपूर्ति जारी रखने को मंजूरी दे दी है।”

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मुफ्त फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति के लिए कुल वित्तीय योजना 17,082 करोड़ रुपये की होगी। इस व्यय का पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार करेगी।

बयान के अनुसार, चावल को पोषक तत्वों से भरपूर बनाने की पहल केंद्रीय क्षेत्र की पहल के रूप में जारी रहेगी। इसका 100 प्रतिशत वित्तपोषण पीएमजीकेएवाई (खाद्य सब्सिडी) के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे कार्यान्वयन के लिए एक एकीकृत संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पोषण सुरक्षा की जरूरत बताई थी। सरकार ने कहा है कि “लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस), अन्य कल्याणकारी योजनाओं, एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), पीएम पोषण (पूर्ववर्ती एमडीएम) के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति” की पहल की गई है।

अप्रैल, 2022 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मार्च, 2024 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में चावल पौष्टीकरण पहल को लागू करने का निर्णय लिया था। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और मार्च, 2024 तक सभी सरकारी योजनाओं में पोषक तत्वों से भरपूर चावल उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।

सरकार ने बयान में कहा, “साल 2019 और 2021 के बीच किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार, भारत में एनीमिया एक व्यापक समस्या बनी हुई है, जो विभिन्न आयु समूहों और आय स्तर के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को प्रभावित कर रही है।”

Advertisement
First Published - October 9, 2024 | 5:02 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement