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महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन घटा, मिलें देर तक करेगी गन्ना पेराई; उत्तर प्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड

इस्मा के मुताबिक देश में चीनी के सबसे बड़े उत्पादक महाराष्ट्र में उत्पादन इस विपणन वर्ष के फरवरी तक घटकर 90.92 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 95.1 6 लाख टन था

Last Updated- March 07, 2024 | 8:58 PM IST
Sugar cane crushing-production

देश में चालू गन्ना सीजन में चीनी उत्पादन में गिरावट आना लगभग तय हो चुका है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन कम होना है। महाराष्ट्र में 29 फरवरी तक चीनी उत्पादन में करीब 4.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, वहीं देश में चीनी उत्पादन में करीब 1.2 फीसदी की कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि इस बीच उत्तर प्रदेश गन्ना पेराई का रिकॉर्ड बनाते हुए गन्ना उत्पादन में लगभग 11.60 फीसदी की वृद्धि दर्ज किया है।

महाराष्ट्र चीनी आयुक्तालय के आकड़ों के मुताबिक इस सीजन कुल मिलाकर 207 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था। जिसमे 103 सहकारी एवं 104 निजी चीनी मिलें शामिल है, और 944.82 लाख टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है। राज्य में अब तक लगभग 952.94 लाख क्विंटल ( 95.29 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया गया है।

पिछले सीजन में इसी समय 211 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था और उन्होंने 998.17 लाख टन गन्ना पेराई कर 991.22 लाख क्विंटल (99.12 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया था। सीजन 2023-24 में 06 मार्च तक राज्य में चीनी रिकवरी 10.09 प्रतिशत है जबकि पिछले सीजन में इस समय तक चीनी रिकवरी 9.93 प्रतिशत थी।

महाराष्ट्र में वर्तमान सीजन में पिछले सीजन के मुकाबले अब तक मात्र 22 ही चीनी मिलों ने पेराई बंद किया है जबकि पिछले सीजन में 06 मार्च तक 78 चीनी मिलों ने पेराई बंद किया था।

चालू सीजन के दौरान महाराष्ट्र चीनी मिलों के बंद होने की दर पिछले साल की तुलना में धीमी है, जिससे इस साल राज्य में सत्र की समाप्ति देर में होगी। जिसके कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य में चीनी उत्पादन में सुधार हो सकता है लेकिन उद्योग जगत इस बात से सहमत नहीं है।

भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के मुताबिक देश में चीनी के सबसे बड़े उत्पादक महाराष्ट्र में उत्पादन इस विपणन वर्ष के फरवरी तक घटकर 90.92 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 95.1 6 लाख टन था । चीनी संघ के अध्यक्ष मंडावा प्रभाकर राव कहते हैं कि चालू सीजन में उत्पादन घटने का अनुमान है, जून-सितंबर मानसून सीजन के दौरान बारिश चीनी उत्पादन को निर्धारित करेगी।

उत्तर प्रदेश ने अक्टूबर-फरवरी के दौरान चीनी उत्पादन का बीते सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश में बीते साल 28 फरवरी 2023 तक 70.04 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ था. जबकि, इस बार 29 फरवरी 2024 तक 78.16 लाख टन उत्पादन हुआ है ।

उत्तर प्रदेश में 11.60 फीसदी अधिक चीनी का उत्पादन हुआ। देश के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य, कर्नाटक में उत्पादन इस अवधि में 51.2 लाख टन से घटकर 47 लाख टन रह गया। चालू सीजन में अब तक गुजरात में चीनी का उत्पादन 7,70,000 टन और तमिलनाडु में 5,80,000 टन तक पहुंच गया है।

चालू पेराई सीजन (अक्टूबर – सितंबर) के दौरान देश का चीनी उत्पादन आंकड़ा 255.38 लाख टन दर्ज किया गया है। यह उत्पादन आंकड़ा बीते साल की समान अवधि में हुए 258.48 लाख टन से कम है । देश का चीनी उत्पादन साल भर पहले की तुलना में 3.10 लाख टन कम दर्ज किया गया है, जो करीब 1.2 प्रतिशत कम है।

First Published - March 7, 2024 | 8:58 PM IST

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