त्योहारी सीजन में चीनी की मिठास कड़वी हो सकती है। कमजोर मॉनसून व लो स्टॉक के बीच इस सीजन में चीनी के दाम ऑल टाइम हाई पर पहुंच सकते हैं। बाजार जानकार पहली बार चीनी के एक्स फैक्टरी भाव और थोक भाव 50 रुपये किलो पार जाने की आंशका जता रहे हैं। बीते एक माह के दौरान भी चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
चीनी कारोबारी सुधीर भालोटिया ने बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश में चीनी की एक्स फैक्टरी कीमत 4,400 से 4,500 रुपये क्विंटल चल रही है। बीते एक माह के दौरान इसमें करीब 300 रुपये क्विंटल का इजाफा हो चुका है। दिल्ली में थोक भाव इस दौरान बढ़कर 4,750 से 4,850 रुपये क्विंटल हो चुके हैं। अक्टूबर में शुरू होने वाली नये चीनी सीजन तक चीनी की एक्स फैक्टरी कीमत बढ़कर 5,000-5,100 रुपये क्विंटल तक जा सकती है। यह पहली बार होगा जब एक्स फैक्टरी कीमत 5,000 रुपये क्विंटल या 50 रुपये किलो के पार जाएगी। एक्स फैक्टरी कीमत 50 रुपये किलो होने पर चीनी के थोक भाव 55 रुपये किलो जा सकते हैं।
कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में एक्स-मिल चीनी के भाव ₹50 प्रति किलो (₹5,000 प्रति क्विंटल) के ऊपर जाने की संभावना काफी मजबूत दिखाई देती है। तकनीकी चार्ट में चीनी ने लंबी अवधि के कंसोलिडेशन से ऊपर ब्रेकआउट दिया है और बाजार नए उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।
आईग्रेन इंडिया के निदेशक राहुल चौहान ने बताया कि कमजोर मॉनसून और आगामी सीजन में उत्पादन घटने की आशंका से चीनी के दाम बढ़ रहे हैं।अगर मॉनसून में जल्द सुधार नहीं हुआ और गन्ना उत्पादन प्रभावित हुआ तो आने वाले महीनों में चीनी की सप्लाई तंग हो सकती है। ऐसे में आगे कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।
Also Read | केंद्रीय मंत्री कृषि चौहान ने वैज्ञानिकों से कहा, जीएम फसल का विकल्प तलाशें
भालोटिया ने कहा कि एथनॉल के लिए चीनी का कोटा हटाकर चालू सीजन में 300 लाख टन से अधिक चीनी उत्पादन का अनुमान था, जो घटकर 280 से 285 लाख टन रह सकता है। सितंबर तक चीनी का क्लोजिंग स्टॉक 10 से 15 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि हर महीने की जरूरत 22 से 25 लाख टन है। मौजूदा मॉनसून को देखते हुए आगामी चीनी सीजन में भी चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रह सकता है। अगर अक्टूबर की शुरुआत में चीनी उत्पादन सुस्त रहा तो इसकी सप्लाई का संकट पैदा हो सकता है। ऐसे में चीनी की कीमतों में तेजी आ सकती है।
पॉल कहते हैं कि कम कैरीओवर स्टॉक और मॉनसून को लेकर बनी अनिश्चितता भी कीमतों को समर्थन दे रही है। हालांकि, ₹50 किलो के ऊपर टिकाऊ तेजी इस बात पर निर्भर करेगी कि जुलाई-अगस्त में मॉनसून कैसा रहता है और अगले सीजन के उत्पादन को लेकर बाजार की धारणा कैसी बनती है?
| भाव (₹/क्विंटल) | एक माह पूर्व | मौजूदा भाव | संभावित भाव |
|---|---|---|---|
| एक्स फैक्टरी | 4,100-4,250 | 4,400-4,550 | 5,000-5,100 |
| दिल्ली मंडी | 4,450-4,550 | 4,750-4,850 | 5,000-5,500 |
नोट: चीनी के भाव कारोबारियों के मुताबिक हैं। एक्स फैक्टरी भाव उत्तर प्रदेश के हैं।