माइनिंग सेक्टर से जुड़ी बड़ी कंपनी वेदांता ग्रुप के लिए अच्छी एक खबर है। मशूहर रेटिंग एजेंसी ‘क्रिसिल रेटिंग्स’ ने वेदांता ग्रुप की तीन बड़ी कंपनियों की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर ‘AA+’ कर दिया है। एजेंसी ने कंपनी के आउटलुक को ‘स्टेबल’ बताया है। क्रिसिल ने दावा किया है कि वेदांता ग्रुप की बाजार में मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है और कंपनी का एल्युमिनियम और जिंक कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही ग्रुप की मूल कंपनी ‘वेदांता रिसोर्सेज’ डिमर्जर के बाद आर्थिक रूप से बेहतर हुई है। बता दें कि वेदांता ग्रुप का कारोबार जिंक, सिल्वर, लेड, एल्युमिनियम, कॉपर और निकेल जैसे कई माइनिंग और प्रोसेसिंग सेक्टर में फैला हुआ है।
क्रिसिल ने कहा कि वेदांता ग्रुप जिंक, सिल्वर, लेड, एल्युमिनियम, कॉपर और निकेल जैसे जरूरी धातु क्षेत्रों में आपने कारोबार का लगातर विस्तार कर रही है। घरेलू बाजार में एल्युमिनियम और जिंक कारोबार में मजबूत हिस्सेदारी और कम खर्च से ग्रुप की कारोबारी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
इसके अलावा कंपनी की आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। कंपनी के अलग-अलग हिस्सों में बंटने के बाद 31 मार्च 2026 तक उसका कर्ज का स्तर घटकर 0.7 गुना रह गया है। एजेंसी का अनुमान है कि कारोबार बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की योजनाओं के बावजूद मध्यम अवधि में भी कंपनी का कर्ज का स्तर 1.0 गुना से नीचे ही रहेगा।
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साथ ही डीमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज के बारे में क्रिसिल ने कहा है कि डीमर्जर के बाद ग्रुप की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। डीमर्जर की गई कंपनियों में वेदांता रिसोर्सेज की हिस्सेदारी का मार्केट वैल्यू काफी बढ़ गया है। 30 जून 2026 तक यह बाजार मूल्य कंपनी के नेट डेट का 5.6 गुना था। यानी, कंपनी के पास मौजूद शेयरों का बाजार मूल्य उसके कुल कर्ज से 5.6 गुना अधिक है, जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति और पैसे जुटाने की क्षमता मजबूत हुई है।
क्रिसिल भारत की प्रमुख रेटिंग एजेंसी है, जो कंपनियों की आर्थिक स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता का आकलन करती है। इसे ‘CRISIL AAA’ से ‘CRISIL D’ तक के पैमाने पर मापा जाता है । AA+ रेटिंग का मतलब है कि कंपनी समय की आर्थिक स्थिति बेहतर है और भविष्य में कंपनी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है।