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Caliber Mining IPO: कोयला खनन और लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली Caliber Mining & Logistics का ₹450 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज यानी 17 जुलाई से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 21 जुलाई तक बोली लगा सकते हैं। मजबूत ऑर्डर बुक, प्रमुख सरकारी कंपनियों के साथ लंबे समय से कारोबार और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के चलते कई ब्रोकरेज हाउस ने इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक राय दी है।
हालांकि, कुछ ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि कंपनी का वैल्यूएशन पूरी तरह सस्ता नहीं है और निवेशकों को कंपनी से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
Caliber Mining IPO के जरिए कंपनी कुल ₹450 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹50 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
कंपनी ने बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने, नई मशीनरी और कमर्शियल व्हीकल खरीदने तथा अन्य सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹402 से ₹424 प्रति शेयर तय किया है। निवेशकों को कम से कम 35 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹134.99 करोड़ जुटाए हैं। एंकर बुक में कई प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है।
IPO खुलने से पहले Caliber Mining का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) मजबूत बना हुआ है। बाजार में उपलब्ध संकेतों के अनुसार, शेयर करीब ₹105 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। अगर यही रुझान लिस्टिंग तक बना रहता है, तो शेयर लगभग ₹529 के आसपास सूचीबद्ध हो सकता है, जो ऊपरी प्राइस बैंड की तुलना में करीब 25% प्रीमियम दर्शाता है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP आधिकारिक संकेतक नहीं होता और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के कारोबार में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का परिचालन राजस्व ₹953.1 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹1,678 करोड़ हो गया। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) ₹95.9 करोड़ से बढ़कर ₹158.3 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अपनी सेवाएं देती है। इसके प्रमुख ग्राहकों में Coal India की सहायक कंपनियां जैसे Western Coalfields Limited (WCL) और Northern Coalfields Limited (NCL) शामिल हैं। इससे कंपनी को आने वाले वर्षों में कारोबार की अच्छी दृश्यता मिलती है।
SBI Securities का कहना है कि कंपनी की आय और मुनाफे में पिछले कुछ वर्षों में मजबूत वृद्धि हुई है। IPO से जुटाई गई राशि से कंपनी लगभग ₹208 करोड़ का कर्ज चुकाएगी, जिससे उसकी बैलेंस शीट और मुनाफे में सुधार आने की संभावना है। ब्रोकरेज ने निवेशकों को इस IPO में ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है।
Master Capital का मानना है कि भारत में कॉन्ट्रैक्ट कोल माइनिंग सेक्टर आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है। कंपनी का एकीकृत बिजनेस मॉडल, Coal India की सहायक कंपनियों के साथ मजबूत संबंध और बढ़ती ऑर्डर बुक इसे भविष्य के लिए बेहतर स्थिति में रखते हैं। ब्रोकरेज ने इसे लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अच्छा अवसर बताया है।
Anand Rathi के अनुसार, कंपनी का IPO पूरी तरह सस्ता नहीं कहा जा सकता, लेकिन लगभग ₹9,500 करोड़ की ऑर्डर बुक, मजबूत क्लाइंट बेस और बड़े प्रोजेक्ट संभालने की क्षमता इसे मजबूत बनाती है। हालांकि, कंपनी पर अभी भी कर्ज का दबाव और बड़े प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता जैसे जोखिम बने हुए हैं। ब्रोकरेज ने इस IPO को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है।
Swastika का कहना है कि कंपनी का वैल्यूएशन अपने सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उचित नजर आता है। कंपनी का Return on Net Worth (RoNW) 24.38% है, जो मजबूत पूंजी उपयोग को दर्शाता है। वहीं, IPO का बड़ा हिस्सा फ्रेश इश्यू होने से जुटाई गई राशि कंपनी के विस्तार में इस्तेमाल होगी। हालांकि, कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा Coal India की दो सहायक कंपनियों पर निर्भर है, जिसे जोखिम के रूप में भी देखा जाना चाहिए। ब्रोकरेज ने मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेश और संभावित लिस्टिंग गेन के लिए IPO में निवेश की सलाह दी है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, सरकारी कंपनियों के साथ लंबे समय से बने कारोबारी संबंध, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और कर्ज कम करने की योजना इसे निवेश के लिहाज से आकर्षक बनाती है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी की कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता, प्रोजेक्ट निष्पादन से जुड़े जोखिम और कोयला उद्योग से जुड़े कारोबारी जोखिमों का भी आकलन करना चाहिए। ऐसे में यह IPO मुख्य रूप से मध्यम और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है।