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2011 में हजार डॉलर को पार करेगा सोना!

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Last Updated- December 08, 2022 | 3:06 AM IST

अंतरराष्ट्रीय खानों में उत्पादन में कमी, खान से सोना निकालने की बाबत बढ़ती लागत और मांग में बढ़ोतरी के चलते साल 2011 में सोना 1000 डॉलर प्रति आउंस को पार कर सकता है।


मॉर्गन स्टेनली बैंक के कमोडिटी विशेषज्ञ ने यह जानकारी दी। ब्लूमबर्ग टीवी को सिंगापुर में दिए इंटरव्यू में बैंक के कमोडिटी विशेषज्ञ हुसैन अलीदीना ने कहा कि साल 2001 में खान से सोने का उत्पादन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था और तब से इसमें गिरावट देखी जा रही है।

 उन्होंने कहा कि अगर हम सोने की मांग के बारे में सोचते हैं तो लगता है कि जैसे-जैसे आय में बढ़ोतरी हो रही है, सोने के आभूषण की मांग बढ़ रही है। पिछले छह साल में सोने की कीमत दोगुनी हो गई है और यह 17 मार्च को अब तक के सर्वोच्च स्तर 1032 डॉलर प्रति आउंस पर पहुंचा था क्योंकि तब डॉलर में गिरावट आई थी और कच्चा तेल उफान पर था।

पिछले आठ महीने में सोना 31 फीसदी गिरा है क्योंकि डॉलर में काफी चमक आई है, तेल की कीमत ढलान पर है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा संकट ने पूरी दुनिया को मंदी की दलदल में धकेल दिया है।

मॉर्गन स्टेनली के कमोडिटी विशेषज्ञ हुसैन ने कहा कि अब हम मुद्रा अवस्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं।

सिंगापुर में गुरुवार को तत्काल डिलिवरी वाला सोना 714.45 डॉलर प्रति आउंस केस्तर पर था। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंदी के इस दौर में सबसे कम प्रभाव कृषि जिंसों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक जिंसों और एनर्जी पर मंदी की खासी मार पड़ी है और इसमें मक्का व सोयाबीन भी लपेटे में आ गए हैं।

हुसैन ने कहा कि अगर आप किसी सामान्य व्यक्ति की तरह सोचें तो आप इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि आय घटने की स्थिति में कोई व्यक्ति कार खरीदने का इरादा रद्द कर सकता है न कि खाने-पीने की चीजों में कटौती करने का। खान-पान की आदत वैसे ही बनी रहती है चाहे कीमत में काफी ज्यादा उफान क्यों न आ गया हो।

अभी भी जनसंख्या में बढ़ोतरी हो रही है और ऐसे में मक्का और सोयाबीन तो चाहिए ही।

कीमतों के स्तर

27 जून को रेकॉर्ड 7.9925 डॉलर की ऊंचाई पर पहुंच चुका मक्का अब तक 54 फीसदी लुढ़क चुका है और शुक्रवार को सिंगापुर में इसका कारोबार 3.6675 डॉलर पर हुआ।

तीन जुलाई को सोयाबीन अपने रेकॉर्ड पर पहुंचा था और अब इसमें 46 फीसदी की गिरावट आई है और यह 8.8725 पर पहुंच गया है। हुसैन ने कहा कि आधारभूत धातुओं के मामले में हम अभी भी सावधान हैं क्योंकि आपूर्ति में जरा सा भी बाधा इसकी कीमत में एक बार फिर उफान ला सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर हम ऐल्यूमीनियम को छोड़ दें तो दूसरी धातुओं की सप्लाई का मामला काफी सख्त है। उन्होंने कहा कि अगर आप पिछले 10 साल की बात करें तो आज के समय में इसके स्टॉक में कमी आई है।

चीन ने 4 खरब युआन का पैकेज 9 नवंबर को घोषित किया है, जो मुख्य रूप से कम किराए वाले हाउसिंग सेक्टर, ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचना, सड़कें, रेल और हवाई अड्डों के लिए है। हुसैन ने कहा कि यह पैकेज सकारात्मक है, लेकिन मुझे इस बात की आशंका है कि इससे मंदी से उबरने में खास मदद मिलेगी।

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First Published - November 13, 2008 | 10:56 PM IST

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