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Gold Price: कीमतें बढ़ने से सोने की मांग में 7 फीसदी की गिरावट

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वैश्विक स्तर पर देखें तो जून तिमाही में सोने की मांग (ओटीसी को छोड़कर) पिछले साल की तुलना में 2 फीसदी घटकर 921 टन रह गई।

Last Updated- August 01, 2023 | 10:27 PM IST
Gold

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने बताया है कि इस बार जून तिमाही में पिछले साल के मुकाबले सोने की मांग में 7 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल की पहली तिमाही में सोने की मांग 170.7 टन थी जो इस बार घटकर 158.1 टन हो गई। डब्ल्यूजीसी ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमत और 2,000 रुपये मूल्य के नोटों को परिचालन से बाहर करने के कारण लोगों को सोना खरीदने से रोक रहा है। आभूषण खंड में सोने की बिक्री प्रभावित हुई है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के क्षेत्रीय मुख्य कार्याधिकारी सोमसुंदरम पीआर ने कहा, ‘साल के बचे महीनों को देखते हुए हम सोने की मांग को लेकर सतर्क हैं क्योंकि स्थानीय कीमतों में वृद्धि और विवेकाधीन खर्च में कमी के कारण इसमें अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मानसून सीजन की सफलता दीवाली सीजन से पहले भावनाओं को मजबूत कर सकती है और कुछ सुखद आश्चर्य देखने को मिल सकता है। कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में 271 टन मांग रहने के कारण हम उम्मीद कर रहे हैं कि पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान सोने की मांग 650 से 700 टन के करीब रह सकती है।’

इस बीच मूल्य के लिहाज से डब्ल्यूजीसी ने हाल ही में समाप्त तिमाही में भारत में सोने की कुल मांग 82,530 करोड़ रुपये आंकी है, जो कि साल 2022 की दूसरी तिमाही (79,270 करोड़ रुपये) की तुलना में 4 फीसदी की अधिक है, जो ज्यादातर सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण है।

वैश्विक स्तर पर देखें तो जून तिमाही में सोने की मांग (ओटीसी को छोड़कर) पिछले साल की तुलना में 2 फीसदी घटकर 921 टन रह गई। ओटीसी और स्टॉक प्रवाह को अगर मिला दें तो कुल मांग पिछले साल के मुकाबले 7 फीसदी बढ़कर 1,255 टन थी।

इस बीच, डब्ल्यूजीसी के आंकड़े दर्शाते हैं इस साल जून तिमाही में सोने की कीमतें औसतन 1,975.93 डॉलर प्रति औंस थीं। जबकि वित्त वर्ष 2023 की आखिरी तिमाही यानी मार्च तिमाही में यह 1,890 डॉलर प्रति औंस और बीते साल जून तिमाही में 1,870.6 डॉलर प्रति औंस हो गई थी।

सोने की रिसाइकलिंग
कीमतों में उछाल के साथ भारत में सोने की खरीदारी करने वाले लोगों ने सोने की रिसाइकलिंग (पुराने सोने से जेवर बनवाए) को अपनाया। जून तिमाही में भारत में कुल 37.6 टन सोने की रिसाइकलिंग की गई। यह जून 2022 के 23.3 टन के मुकाबले 61 फीसदी अधिक है। डब्ल्यूजीसी ने कहा कि इस मुख्य वजह बेस इफेक्ट के अलावा सोने की आसमान छूती कीमतें रहीं।

डब्ल्यूजीसी ने कहा, ‘पता चला है कि सोने की आसमान छूती कीमतों और उपभोक्ताओं की कमी ने रिसाइकिल सोने की आपूर्ति में वृद्धि को बढ़ावा दिया है। इस बीच, पुराने सोने के आभूषणों के बदले नए आभूषणों की कम मात्रा में आभूषणों की कमजोर मांग भी परिलक्षित दिखी है।’

आभूषण की मांग
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट बताती है कि जून तिमाही में स्वर्णाभूषण की मांग भी पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी घटकर 128.6 टन रह गई। हालांकि, आभूषणों की मांग का मूल्य जून 2022 तिमाही के 65,140 करोड़ रुपये से 3 फीसदी बढ़कर 67,120 करोड़ रुपये हो गया। कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही के लिए भारत में सोने के आभूषणों की मांग पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी गिरकर 207 टन हो गई।

डब्ल्यूसीजी ने सोने के आभूषणों की मांग में गिरावट का कारण रुपये में सोने की ऊंची कीमतों को बताया है, जिससे सामर्थ्य और उपभोक्ता भावना पर काफी असर पड़ा है। इस साल जून तिमाही में निवेश की मांग भी पिछली जून तिमाही के 30.4 टन से 3 फीसदी घटकर 29.5 टन रह गई। सोमसुंदरम पीआर ने कहा,’ 2,000 रुपये मूल्य के नोटों को परिचालन से बाहर करने के फैसले के बाद सोने की मांग पर भी थोड़ा प्रभाव पड़ा।

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First Published - August 1, 2023 | 10:27 PM IST

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