facebookmetapixel
Advertisement
Q1 रिजल्ट के बाद HDFC ग्रुप के ये 2 शेयर बने ब्रोकरेज के फेवरेट, 44% तक अपसाइड का अनुमानSEBI ने जून में सुलझाई 5,000 से ज्यादा शिकायतें, SCORES 2.0 सिस्टम से निवेशकों को बड़ी राहतAdani Green, Groww समेत 12 शेयर MSCI इंडेक्स में हो सकते हैं शामिल, बाजार में 2.3 अरब डॉलर निवेश की संभावनाSBI Funds IPO, Day 3: निवेश का आखिरी मौका, क्या करें अप्लाई? NII कैटेगरी में जबरदस्त मांग, रिटेल निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पीपूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ अग्निकुल कॉसमॉस से जुड़े, मिशन 2 की तैयारियों को मिलेगा बलमॉनसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है सरकार, समर्थन जुटाने में जुटा NDAसरकार ने डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर घटाया निर्यात शुल्कHDFC Bank पर ₹1,100 का टारगेट, AI और डिजिटल दांव से ब्रोकरेज को दिख रही बड़ी कमाई की उम्मीदसोने-चांदी की कीमतों में नरमी जारी; सोना ₹819 टूटा, चांदी ₹1,380 फिसलीभारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र से जुड़ी फाइलें लीक, रिलायंस ने डेटा में ‘आंशिक घुसपैठ’ की पुष्टि

चीन द्वारा आयात प्रतिबंध के बाद दुर्लभ मैग्नेट किल्लत वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए चेतावनी

Advertisement

2024-25 में भारत का कुल वाहन कलपुर्जा आयात सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 22.4 अरब डॉलर हो गया।

Last Updated- July 08, 2025 | 10:59 PM IST
Auto Export
प्रतीकात्मक तस्वीर

वाहन कलपुर्जा निर्माताओं के संगठन (एक्मा) के महानिदेशक विन्नी मेहता ने मंगलवार को कहा कि अप्रैल में चीन द्वारा आयात प्रतिबंध और उसके बाद दुर्लभ मैग्नेट की मौजूदा किल्लत भारत के वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि उद्योग निकाय अब अपनी आपूर्ति श्रृंखला में कमजोरियों का पता लगाने और उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक व्यापक अध्ययन कर रहा है, जिनमें जरूरी बदलाव किए जाने की आवश्यकता है।

मेहता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह एक चेतावनी है। हमारे लिए एकमात्र समाधान आत्मनिर्भर बनना है। हमें अपनी सारी ऊर्जा इसी पर केंद्रित करनी है।’ उन्होंने कहा कि भले ही मौजूदा इन्वेंट्री मौजूदा समय में आगामी चुनौतियों के प्रभाव को छिपा रही है, लेकिन ‘इन्वेंट्री अनंत नहीं है।’

2024-25 में भारत का कुल वाहन कलपुर्जा आयात सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 22.4 अरब डॉलर हो गया। एसीएमए ने कहा कि चीन आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा, जिसका हिस्सा वित्त वर्ष 2024 में 29 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 32 प्रतिशत हो गया।

एक्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में भारतीय ऑटो कंपोनेंट वाहन कलपुर्जा का कुल आकार 80.2 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसे वाहन निर्माताओं को आपूर्ति में वृद्धि, मजबूत निर्यात और आफ्टरमार्केट मांग से समर्थन मिला।  एक्मा की अध्यक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह का मानना है कि दुर्लभ मैग्नेट के लिए उद्योग चीन पर अत्यधिक निर्भर है।

Advertisement
First Published - July 8, 2025 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement