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लेखक : अंजलि कुमारी

आज का अखबार, बाजार, बॉन्ड, वित्त-बीमा, समाचार

शुरुआती उत्साह के बाद नरम पड़े सरकारी बॉन्ड

जेपी मॉर्गन द्वारा भारतीय बॉन्डों को अपने वै​श्विक सूचकांक में शामिल किए जाने की खबरों के बाद सरकारी बॉन्डों में आई शुरुआती तेजी आ​​खिर में थम गई, क्योंकि डीलरों की मानें तो बाजार में इस घटनाक्रम का असर पहले ही दिख चुका है। इसके अलावा, इसे लेकर चिंताएं हैं कि वास्तविक निवेश प्रवाह अगले साल […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, ताजा खबरें

JP Morgan के सूचकांक में भारत, FPI के लिए बॉन्ड बाजार होगा ज्यादा आकर्षक!

जेपी मॉर्गन ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए जाने वाले सरकारी बॉन्डों को अपने उभरते बाजार के सरकारी बॉन्ड सूचकांक (जीबीआई-ईएम) में शामिल करने का आज निर्णय किया। यह प्रक्रिया अगले साल जून से शुरू होगी। जेपी मॉर्गन के वै​श्विक बॉन्ड सूचकांक में भारत के शामिल होने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बैंक कर्ज में जोखिम बढ़ने के संकेत नहीं : पात्र

भारत के बैंक क्षेत्र का कर्ज मजबूत स्थिति में है और इसमें प्रणालीगत जोखिम बढ़ने का कोई संकेत नहीं है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्र ने सोमवार को कहा। पात्र ने कंबोडिया में भाषण देते हुए कहा, ‘बैंक कर्ज को ओवरहीटिंग का मुख्य सूचकांक माना जाता है। हमारा आकलन विभिन्न दृष्टिकोण […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

अमेरिकी प्रतिफल में तेजी के बावजूद रुपया और सरकारी बॉन्ड मजबूत

बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के बावजूद गुरुवार को सरकारी बॉन्ड और रुपया मजबूती के साथ बंद हुए। डीलरों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डॉलर बिक्री के जरिये विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया और बॉन्ड बाजार कारोबारियों में अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में बॉन्ड शामिल किए जाने को लेकर उम्मीद बढ़ गई। गुरुवार […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

रीपो रेट में बढ़ोतरी से कर्जदारों पर बढ़ा बोझ

नीतिगत दर में मई 2022 से लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में 8 प्रतिशत से कम ब्याज वाले कर्ज का प्रतिशत तेजी से गिरा है। भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 8 प्रतिशत से कम ब्याज पर मार्च 2022 में 53 प्रतिशत ऋण था, जो जून 2023 में घटकर 18 प्रतिशत रह गया […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

GDP: पारिवारिक बचत गिरी, उधारी बढ़ी

पारिवारिक बचत दशकों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। आरबीआई के आकंड़ों के मुताबिक पारिवारिक बचत वित्त वर्ष 23 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.1 फीसदी पर पहुंच गई जबकि यह वित्त वर्ष 22 में 7.2 प्रतिशत थी। उधर परिवारों की सालाना वित्तीय देनदारियां बढ़कर वित्त वर्ष 23 में जीडीपी की 5.8 प्रतिशत […]

आज का अखबार, कंपनियां, बाजार, समाचार

भारतीय उद्योग जगत पर महंगी उधारी से दबाव

भारतीय कंपनियों को इस त्योहारी सीजन में अपनी उधारी लागत बढ़ने की चिंता सता रही है, क्योंकि कॉरपोरेट और सरकारी बॉन्डों के बीच अंतर बढ़ने लगा है। कंपनियों के लिए कर्ज कर्ज लेना महंगा हुआ है, क्योंकि सितंबर में अब तक 3-साल और 10-साल की अव​धि के लिए एएए-रेटिंग के कॉरपोरेट और सरकारी बॉन्डों के […]

आज का अखबार, आपका पैसा, बॉन्ड, वित्त-बीमा

सरकारी बॉन्ड से ज्यादा ट्रेजरी बिल को तरजीह दे रहे खुदरा निवेशक

भारतीय रिजर्व बैंक के रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म के जरिये निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों ने राज्य व केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों व सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड के मुकाबले ट्रेजरी बिल में ज्यादा निवेश किया। प्राथमिक बाजार में कुल सबस्क्रिप्शन 12 सितंबर को बढ़कर 2,698 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 3 अप्रैल को 1,809 करोड़ रुपये […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

INR vs USD: रुपया अब तक के निचले स्तर पर, चालू वित्त वर्ष के दौरान रुपया 1.3 प्रतिशत गिरा

अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया गिरकर नए रिकॉर्ड पर चला गया है। डीलरों का कहना है कि अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमत में तेजी की वजह से ऐसा हुआ है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 83.27 के निचले स्तर पर बंद हुआ। इसके पहले रुपया 7 सितंबर […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

बैंकिंग व्यवस्था में नकदी एक बार फिर घाटे की स्थिति में गई

बैंकिंग व्यवस्था में नकदी एक बार फिर घाटे की स्थिति में चली गई है। डीलरों ने कहा कि कर भुगतान करने के कारण ऐसा हुआ है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है, जब 23 सितंबर को रिजर्व बैंक आई-सीआरआर की दूसरी किस्त जारी करने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक ने रविवार को 67,576 करोड़ […]

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